राजनीतिराज्यलेटेस्टस्लाइडर

कड़ाके की ठंड में वेस्ट यूपी का सियासी पारा हाई, अमित शाह, मायावती, अखिलेश,ओवैसी व प्रियंका मांगेगी वोट

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के पहले चरण के लिए 58 सीटों पर दस फरवरी को मतदान होगा। जाहिर सी बात है कि वेस्ट यूपी में सियासी पारा हाई है। केन्द्र सरकार के बड़े मंत्री और भाजपा नेताओं ने डेरा डाल रखा है। जवाब में विपक्षी दल भी पीछे नहीं है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी, बसपा प्रमुख मायावती, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी व एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी भी धुआंधार प्रचार में जुटे हैं। आज वेस्ट यूपी की धरती पर फिर बड़े नेताओं के पैर पड़ने वाले हैं। बुलंदशहर, गाजियाबाद और नोएडा में कद्दावर नेताओं का जमावड़ा रहेगा। गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार दोपहर 12 बजे बुलंदशहर जिले के डिबाई और सवा बजे जहांगीराबाद क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करेंगे। दोपहर साढ़े 3 बजे वह गाजियाबाद के रामलीला मैदान लोनी तिराहा पहुंचकर जनसभा करेंगे और फिर वहां डोर-टू-डोर जनसंपर्क करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नोएडा, गाजियाबाद के कार्यकर्ताओं को वर्चुअल संबोधित करेंगे।
बसपा सुप्रीमो मायावती गाजियाबाद के रामलीला मैदान कविनगर में दोपहर करीब डेढ़ बजे मेरठ मंडल की जनसभा को संबोधित करेंगी। इस जनसभा में मेरठ मंडल की 28 विधानसभा सीट से 35-35 लोगों को बुलाया गया है। कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार, बसपाइयों ने करीब एक हजार लोगों की मौजूदगी रहने की बात कही है।
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी आज सुबह साढ़े 11 बजे बुलंदशहर में हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे और संयुक्त रूप से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसके बाद उनका रोड शो शुरू होगा। यह रोड शो अगौता, चित्सौना, स्याना, शेखपुर, जहांगीराबाद, सिकंदराबाद, खुर्जा होते हुए नोएडा के कस्बा दादरी में पहुंचेगा। दादरी से यह रोड शो नोएडा जाएगा।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी भी आज बुलंदशहर जिले में रहेंगी। वह दोपहर करीब तीन बजे स्याना विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी पूनम पंडित के लिए डोर-टू-डोर कैंपेन करेंगी।
बता दें कि अखिलेश यादव 2012 के चुनाव से पहले 2011 में नोएडा गए थे, उस समय बसपा की सरकार थी। 2012 में अखिलेश यादव सीएम बने, लेकिन नोएडा एक भी बार नहीं आए। अब करीब 11 साल बाद वह नोएडा जा रहे हैं। ऐसा मिथक है कि जो नेता सीएम रहते नोएडा गया, अगली बार वह सीएम नहीं बना। हालांकि योगी आदित्यनाथ ने इस मिथक को तोड़ा और पांच साल के कार्यकाल में करीब 18 बार वह नोएडा आए। उधर, जैसे-जैसे चुनाव की तिथि नजदीक आती जा रही है नेताओं के मुंह से में गर्मी, चर्बी, झूठ व तमंचा, जिन्ना, आदि शब्द भी निकल रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button