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रिलाइबल इंस्टीट्यूट में हिन्दी दिवस का आयोजन

गाजियाबाद। रिलायबल इस्टीट्यूट आफ मैनेजमेन्ट एंड टैक्नोलॉजी में हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष सीए जितेन्द्र गोयल, रिलायबल सोसायटी के अध्यक्ष सीए अनुज गोयल, निदेशिका डा. पूनम गोयल एवं बीबीए, बीकॉम, बीएड, डीएलएड के विद्यार्थियों द्वारा हिन्दी दिवस कार्यक्रम में बढ़ चढकर हिस्सा लिया। इस अवसर संस्थान के अध्यक्ष सीए जितेन्द्र गोयल ने बताया कि हिन्दी दिवस को स्वतन्त्र भारत की राष्ट्र भाषा के रूप में मनाया जाता हैं। इसके पूर्व 1918 में गांधी जी ने हिन्दी साहित्य सम्मेलन में हिन्दी भाषा को राष्ट्र भाषा बनाने का प्रस्ताव रखा था। क्योंकि ये विश्व की तीसरी सबसे बड़ी भाषा है लेकिन उसे अच्छी तरह से समझने, पढ़ने, लिखने वालो में यह संख्या बहुत ही कम थी। इसके साथ ही हिन्दी भाषा पर अंग्रेजी के शब्दों का भी बहुत अधिक प्रभाव रहा और कई अंग्रेजी शब्दों ने अपना स्थान बना लिया। जिससे भविष्य में भाषा के विलुप्त होने की सम्भावना अधिक बढ़ गयी। जिसके कारण यह निर्णय लिया गया कि हिन्दी को राष्ट्र भाषा के रूप में प्रयोग किया जाए। इस अवसर पर सीए अनुज गोयल ने बताया कि हिन्दी को आज तक संयुक्त राष्ट्र संघ की भाषा नहीं बनाया जा सका, ऐसे में हमारा हिन्दी के प्रति और भी उत्तर दायित्व बढ़ जाता है एवं हिन्दी का प्रचलन हम दैनिक जीवन में ज्यादा से ज्यादा कार्यालयों एवं स्कूल कॉलिजों में प्रचलित करे जिससे मातृभाषा का सम्मान हो ।
संस्थान की निदेशिका पूनम गोयल ने हिन्दी भाषा के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्ष में एक दिन इस बात से लोगों को जागरूक कराना अति आवश्यक है जिससे कि मातृभाषा विलुप्त न हो जाए। ऐसे में हिन्दी भाषा को उसके जन्म दिवस के रूप में 14 सितम्बर को मनाया जाये। ताकि नागरिको में हिन्दी दिवस के प्रति रूचि और भी बढ़ सके। उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि जो व्यक्ति हिन्दी भाषा को लेखन व बोलचाल की भाषा में ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करे उन्हे सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जाना चाहिए। रजिस्ट्रार दर्शनवीर शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिन का मूल उद्देश्य हिन्दी भाषा के लिए विकास की भावना को केवल हिन्दी दिवस तक सीमित न करें और अधिक से अधिक बढ़ावा दें। इस दिन लोगों में हिन्दी के प्रति अपनी रूचि को व्यक्त करने के लिए आग्रह किया। राष्ट्रगान के बाद हिन्दी दिवस कार्यक्रम का समापन किया गया।

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