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सीएम योगी चुने गए विधायक दल के नेता, कल लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

लखनऊ। लोकभवन में आयोजित विधायक दल की बैठक में योगी आदित्यनाथ को विधायक दल का नेता चुना गया है। योगी आदित्यनाथ कल दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उत्तर प्रदेश में 37 वर्ष बाद किसी एक दल की लगातार दूसरी बार सरकार बन रही है। भारतीय जनता पार्टी के पर्यवेक्षक अमित शाह के साथ सह पर्यवेक्षक रघुवर दास लखनऊ पहुंचे हैं। भाजपा कार्यालय में कोर कमेटी की बैठक के बाद शाह के साथ रघुवर दास लोक भवन पहुंचे हैं। उनके साथ राधा मोहन सिंह, धर्मेन्द्र प्रधान भी थे। भाजपा विधायक दल के नेता के चुनाव से पहले अमित शाह ने सभी विधायकों को संबोधित किया। इससे पहले सुरेश खन्ना ने भाजपा विधायक दल के नेता के लिए योगी आदित्यनाथ के नाम का प्रस्ताव रखा। योगी आदित्यनाथ पहली बार विधानसभा में पहुंचे हैं। वह गोरखपुर शहर से विधायक चुने गए हैं। भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद योगी आदित्यनाथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। योगी सरकार- 02 का शपथग्रहण समारोह शुक्रवार को शाम 4 बजे इकाना स्टेडियम में होगा।
इसस पूर्व भाजपा विधायक दल नेता चुनाव के पर्यवेक्षक एवं गृह मंत्री अमित शाह, सह पर्यवेक्षक रघुवर दास का अमौसी एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने स्वागत किया। भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में नवनिर्वाचित विधायकों और विधान परिषद सदस्यों का लोकभवन पहुंच चुके हैं। गठबंधन में भाजपा के सहयोगी अपना दल और निषाद पार्टी के विधायक भी पहुंचे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी लोकभवन पहुंच गए हैं, यहां विधानसभा चुनाव प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान, उत्तर प्रदेश के प्रभारी राधा मोहन सिंह, उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ डॉ. दिनेश शर्मा भी मौजूद रहे। लोकभवन में विधायक दल की बैठक से पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी की प्रतिमा पर गृह मंत्री अमित शाह, कार्यवाहक मुख्यमंत्री आदित्यनाथ व अन्य नेताओं ने पुष्प अर्पित करे।
उधर, 18वीं विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के कद्दावर नेता सूर्य प्रताप शाही, पूर्व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना और उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबीरानी मौर्य का नाम चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि बेबीरानी राज्यपाल रह चुकी हैं, ऐसे में उन्हें मंत्री बनाने की जगह विधानसभा अध्यक्ष का संवैधानिक पद ही देना उचित होगा।

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