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सहन्सरा नदी-घाटी को पुनर्जीवित करने का बड़ा प्रयास, एकत्र हुए पर्यावरणविद

  • 5 वर्षों की मेहनत ला रही है रंग, बनाया गया डैम, किया गया वृक्षारोपण
    गाजियाबाद।
    सहारनपुर जिÞले की बेहट तहसील के गांव कोठरी बहलोलपुर स्थित सहंसरा नदी-घाटी की सेंटर फॉर वॉटर पीस के सदस्यों-कार्यकर्ताओं के एक दल ने यात्रा की। सेंटर फॉर वॉटर पीस से जुड़े पर्यावरणविद डा. उमर सैफ के नेतृत्व में वर्ष 2017 से शिवालिक रेंज की पहाड़ियों से निकलने वाली सहंसरा नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रयासरत विभिन्न संस्थाओं के कार्यकर्ताओं को डा. उमर सैफ ने बताया कि पिछले 5 वर्षों के दौरान उन्होंने वन विभाग एवं जनसाधारण के सहयोग से नदी के दोनों तटों पर सघन वृक्षारोपण कराया है। नदी घाटी में कुछ चैक डैम भी बनाए गए हैं। बारिश के पानी के ठहराव से भूमिगत जल की मात्रा में वृद्धि हो रही है। वृक्षों की जड़ें मिट्टी के कटाव को रोक रही हैं। परिणामस्वरूप नदी के अंदर जलीय जीव व पेड़-पौधे पनप रहे हैं। नदी की सतह एवं तटों पर भी अन्य जीव पानी पीने एवं भोज्य सामग्री की तलाश में आ रहे हैं। इस तरह नदी का जीवन लौट रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को अपना कर अनेक नदियों को पुनर्जीवित किया जा सकता है। सेंटर फॉर वॉटर पीस के सचिव जितेंद्र सिंह एडवोकेट ने संस्था के मिशन से जुड़ने के लिए सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अन्य सदस्य-कार्यकर्ता कौस्तुभ भारद्वाज एडवोकेट, कुमारी लवलीन, मोहम्मद इलियास, संजय कश्यप, केसर सिंह, प्रवीण कुमार, डा.पिनाकी दास आदि भी उपस्थित रहे।

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