राज्यलेटेस्टस्लाइडर

प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर बनाने का लक्ष्य: सीएम योगी

  • बेरोजगारी दूर करने के लिए लिए प्रदेश सरकार कर रही सतत प्रयास
  • 4 वर्षों में 17 से 5 प्रतिशत रह गई है बेरोजगारी दर
    लखनऊ।
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर का बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्तर प्रदेश की बड़ी भूमिका है। राज्य सरकार का संकल्प उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करना है। इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के सतत प्रयास कर रही है, जिसके चलते प्रदेश की बेरोजगारी दर विगत 4 वर्षों में 17 प्रतिशत से गिरकर 5 प्रतिशत पर आ गयी है। आज राज्य सरकार द्वारा बेरोजगारी को दूर करने के लिए किये जा रहे आर्थिक स्वावलम्बन के प्रयास फलीभूत हो रहे हैं, लेकिन अभी इस दिशा में काफी काम किया जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत लगभग डेढ़ वर्षों से कोविड महामारी का संकट उत्पन्न हुआ है, जिससे निपटने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में व्यापक स्तर पर लोगों का वैक्सीनेशन कराया जा रहा है। राज्य सरकार लोगों का जीवन और आजीविका दोनों बचाने के अथक प्रयास कर रही है। शासन और वित्तीय संस्थान के संयुक्त प्रयास लोगों को इस विषम परिस्थिति से निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 4 वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों और बैंकर्स के अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप आर्थिक विकास में आशातीत सफलता मिली है। अब उत्तर प्रदेश, देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। प्रदेश सरकार निरन्तर प्रयास कर रही है कि वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2021-22 तक प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने के लिए विकास एवं समृद्धि की रफ्तार बढ़ायी जाए। इस कार्य में बैंकों का सहयोग अपरिहार्य है। केन्द्र व राज्य सरकार किसानों की खुशहाली और समृद्धि के लिए लगातार कार्य कर रही हैं।
    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक लाख 51 हजार किसान क्रेडिट कार्डों की वर्चुअल स्वीकृति देते हुए इससे लाभान्वित होने वाले सभी कृषकों को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि इससे उनकी मुश्किलें आसान होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों एवं किसानों के परिश्रम से राज्य में रिकॉर्ड मात्रा में खाद्यान्न उत्पादन हुआ है। किसानों की उपज की एमएसपी पर खरीद एवं निर्धारित समयावधि में उपज मूल्य का भुगतान किया गया है। किसान क्रेडिट कार्ड, किसानों को सरल ऋण उपलब्ध कराने में सहायक है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋण जमा अनुपात (सीडी रेशियो) को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के सहयोग से भगीरथ प्रयास हो रहे हैं। प्रदेश स्तर पर मेगा कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इस मेगा कैम्प में 9 हजार करोड़ रुपए के ऋण की आॅनलाइन स्वीकृति प्रदान की जा रही है। इस मेगा कैम्प का आकार अभी तक आयोजित सभी मेगा कैम्प में सर्वाधिक है। उन्होंने मेगा कैम्प के आयोजन से लाभान्वित होने वाले सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन प्रदेश में ऋण जमा अनुपात को बढ़ाने में सहायक होगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक गरीबों को लोन देने में हिचके नहीं। बैंक द्वारा मुहैया कराए जा रहे लोन से गरीबों से अपना व्यवसाय शुरू करने और उसे विस्तार देने में मदद मिलती है। इससे रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को स्वरोजगार के लिए लोन देने के साथ ही उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण भी देना पड़ेगा और उन्हें योजनाओं के साथ जोड़ना भी पड़ेगा। बैंक द्वारा प्रोत्साहित करने पर बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। लोग कार्य करने को तैयार हैं, सिर्फ प्रोत्साहन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और बैंकर्स को आपसी तालमेल बनाकर अच्छा कार्य करना होगा। बैठक के दौरान एचडीएफसी बैंक द्वारा सीएसआर के अन्तर्गत जनपद गोरखपुर में आॅक्सीजन प्लांट की स्थापना हेतु एक करोड़ 50 लाख रुपए का चेक प्रदान किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र/चेक का वितरण भी किया। कार्यक्रम को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, महानिदेशक संस्थागत वित्त शिव सिंह यादव, बैंक आॅफ बड़ौदा के महाप्रबन्धक एवं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक बृजेश कुमार सिंह, बैंक आॅफ बड़ौदा मुम्बई के अधिशासी निदेशक विक्रमादित्य सिंह खीची, भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक आर. लक्ष्मीकान्त राव ने भी सम्बोधित किया। बैठक में मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं सूचना नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी तथा अपर मुख्य सचिव वित्त एस. राधा चौहान ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button