गाजियाबाद

अब हरनंदीपुरम योजना, ट्रैफिक सुधार व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पर तेजी से होगा काम: जीडीए वीसी

  • गाजियाबाद में जल्द नजर आएगा बड़ा बदलाव

गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण अब हरनंदीपुरम योजना, ट्रैफिक सुधार व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पर तेजी से काम करेगा। बुधवार को जीडीए सभागार में जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि गाजियाबाद, जो दिल्ली सीमा से लगा उत्तर प्रदेश का प्रवेश द्वार है, आने वाले समय में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण का प्रमुख फोकस लैंड बैंक विकसित करने पर है, जिसके तहत नई हरनंदीपुरम योजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस योजना के लिए लगभग 501 हेक्टेयर भूमि का क्रय प्रस्तावित है, जिसमें दो चरणों मे जमीन क्रय करते हुए योजना को धरातल पर उतारना प्रस्तावित किया गया है । प्रथम चरण मे लगभग 336 हेक्टेयर जमीन मे से अब तक 35 हेक्टेयर भूमि का बैनामा प्राधिकरण के पक्ष में हो चुका है, जबकि 85 हेक्टेयर जमीन पर किसानों से सहमति बन चुकी है। भूमि क्रय प्रक्रिया को तीव्र गति देने के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया है। किसानों से संवाद सहज बनाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु एक समर्पित वेबसाइट भी लॉन्च की गई है। उम्मीद है कि 100 से 120 हेक्टेयर भूमि के बैनामे जल्द संपन्न होंगे। उन्होंने बताया कि सेटेलाइट सर्वे सहित प्रथम चरण का लेआउट अगले चार से पांच महीनों में तैयार कर जमीन पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए कम लागत में प्रभावी समाधान लागू किए जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने ठाकुरद्वारा तिराहा, हापुड़ चुंगी, मधुबन बापूधाम गोलचक्कर, प्रताप विहार डीपीएस चौक, अजनारा इंटिग्रिटी (राजनगर एक्सटेंशन), आशियाना चौक व बुनकर मार्ट चौक के निरीक्षण का जिक्र करते हुए बताया कि इन स्थानों की जल्द कायाकल्प की जाएगी। इसके अलावा तीन स्थानों पर ओवरब्रिज निर्माण के प्रस्ताव शासन को भेज दिए गए हैं तथा हापुड़ चुंगी पर ओवरब्रिज प्राधिकरण क्षेत्रीय अवस्थापना निधि से निर्माण करेगा। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण की राजनगर एक्सटेंशन योजना में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से जुड़े मुद्दों पर उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें हुई हैं और स्टेडियम निर्माण का रास्ता जल्द साफ होने की उम्मीद है। जीडीए उपाध्यक्ष ने यह भी कहा कि तुलसी निकेतन योजना के रिडेवलपमेंट के संबंध में एनबीसीसी के साथ एमओयू साइन हो चुका है और आवंटियों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। प्रेसवार्ता के दौरान प्राधिकरण सचिव राजेश कुमार सिंह तथा मीडिया प्रवक्ता रुद्रेश शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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