गाजियाबाद

आईटीएस स्कूल आफ मैनेजमेंट में ट्रैफिक पुलिस के लिए प्रबंध विकास कार्यक्रम आयोजित

गाजियाबाद। मोहननगर स्थित आई.टी.एस. स्कूल आॅफ मैनेजमेंट ने गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के लिए नौ दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम ( एमडीपी) के अंतर्गत व्यवहारिक दृढ़ता और सार्वजनिक संवाद को सशक्त बनाना विषय पर तीसरे प्रशिक्षण सत्र का सफल आयोजन किया।
यह कार्यक्रम आई.टी.एस द एजुकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी, प्रो. (डॉ.) अजय कुमार, निदेशक, आई.टी.एस. स्कूल आफ मैनेजमेंट, तथा डॉ. सुनील कुमार पांडे, निदेशक, इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, गाजियाबाद की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 44 ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह प्रशिक्षण सत्र संस्थान के चाणक्य लॉबी में आयोजित किया गया।
अपने संबोधन में आई.टी.एस झ्र द एजुकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की निष्ठा और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने टीमवर्क, सकारात्मक दृष्टिकोण और निरंतर सीखने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने आलोक प्रियदर्शी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वे अपनी टीम के कल्याण और व्यावसायिक विकास के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित किया और कहा कि वे इन सत्रों को अधिक इंटरैक्टिव बनाएं ताकि वे अपने व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन दोनों में प्रगति कर सकें।
अपने विशेष संबोधन में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (आई.पी.एस) आलोक प्रियदर्शी ने अनुशासन, सुरक्षा और जनता के विश्वास को बनाए रखने में प्रत्येक अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने गाजिÞयाबाद के ट्रैफिक प्रबंधन के आधुनिकीकरण की अपनी दृष्टि साझा की। साथ ही, उन्होंने आई.टी.एस. मोहन नगर, गाजिÞयाबाद के प्रयासों और योगदान की सराहना की कि संस्थान द्वारा पुलिस अधिकारियों के लिए इतना प्रभावशाली प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया और सामाजिक कल्याण में अपनी अहम भूमिका का निर्वाह किया। इस अवसर पर आई. टी. एस- द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आर पी चड्ढा ने इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की,आयोजकों को बधाई दी और सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभ कामना दी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में दो प्रभावशाली सत्र आयोजित किए गए जिसे व्यवहार विज्ञान और संचार प्रशिक्षण में विशेषज्ञता रखने वाली फैकल्टी सदस्य प्रो. याचना मल्होत्रा और प्रो. शिल्पी राणा ने संचालित किया।
पूर्वाह्न सत्र का विषय स्वयं पर नियंत्रण और सार्वजनिक व्यवहार तकनीक रहा। अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों को समझने, तनाव प्रबंधन, शांति, धैर्य और भावनात्मक संतुलन विकसित करने के तरीकों से अवगत कराया गया। सत्र में माइंडफुलनेस अभ्यास, एकाग्रता बढ़ाने वाली गतिविधियाँ और प्रभावी संवाद तकनीकें सिखाई गईं। इसमें सहानुभूतिपूर्ण किंतु अधिकारपूर्ण सार्वजनिक व्यवहार पर भी बल दिया गया, जिसे रोल प्ले और इंटरएक्टिव फीडबैक सत्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
अपराह्न सत्र में ह्लकठिन परिस्थितियों में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना विषय पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें दृढ़ता निर्माण, अशाब्दिक संचार, फिटनेस और पोषण के मूल तत्वों तथा लंबे ड्यूटी घंटे या प्रतिकूल मौसम स्थितियों के दौरान सुरक्षा उपायों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने सक्रिय रूप से रिलैक्सेशन ड्रिल्स, समूह चिंतन और तनाव-निवारण गतिविधियों में भाग लिया। सभी प्रशिक्षणार्थी काफी उत्साहित होकर पूरी तन्मयता के साथ सत्र के दौरान ज्ञान और बेहतरीन अनुभव प्राप्त किए। वैलेडिक्टरी सत्र के साथ सत्र की समाप्ति हुई जिसमें प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। इसके पश्चात प्रमाणपत्र वितरण और समूह छायाचित्र के साथ आज के प्रशिक्षण सत्र की समाप्ति हुई।

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