सीबीएसएम दिल्ली में दो दिवसीय दिवाली मेले में दिव्यांग बच्चों ने दिखाई अपनी प्रतिभा




नई दिल्ली। द्वारका के सेक्टर 13 स्थित सीबीएसएम के प्रांगण में सीबीएसएम व मनोविकास चेरिटेबल टस्ट द्वारा दो दिवसीय दिवाली मेले का आयोजन किया गया। इस्कॉन द्वारका से अमोघ लीला प्रभु जी, बाली मुरारी प्रभ जीु, दयालु गोविंद दास, जी.बी. सिंह, प्रेसिडेंट सीबीएसएम, मनीष सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर, खुशबू खत्री-प्रिंसिपल सीबीएसएम, हितेश सिंह, ए्जीक्यूटिव मैनेजर, एन.के. ओझा-आॅफिस इंचार्ज एनआईएमएच, तनुश्री दास, आलोक कुमार-मैनेजिंग सेक्रेटरी, मनोविकास, इंद्रा आलोक, जे.पी. सिंह- पूर्व सदस्य सचिव भारतीय पुनर्वास परिषद सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। सीबीएसएम की प्रिंसिपल खुशबू खत्री ने दिवाली मेले में आए सभी मेहमानों का स्वागत करते हुए उन्हें मिठाइयां व उपहार वितरित किए। उन्होंने कहा कि इस पावन पर्व पर एकजुटता व भाईचारे का संदेश फैलाना बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने समारोह के दौरान उपस्थित लोगों को दिवाली की शुभकामनाएं दी। दिवाली मेले में मुख्य आकर्षण दिव्यांग बच्चों द्वारा संचालित स्टॉल थे, जिसमें समर्पण व रचनात्मकता के द्वारा तैयार की गई हस्तनिर्मित वस्तुओं की श्रृंखला प्रदर्षित की गई थी। हाथ से निर्मित दीये को छात्रों द्वारा सावधानीपूर्वक सजाया गया था, जो त्योहार की चमक व सुदंरता को दशार्ता है साथ ही सुंदर हस्तनिर्मित रंगोलियां स्टॉलों की शोभा बढ़ा रही थी, जिसमें छात्रों के कलात्मक कौशल का प्रदर्शन किया गया था। यहां पर कई फूड स्टॉल व बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के फन एक्टीविटी का भी आयोजन गया था। दिव्यांग बच्चों के लिए संस्था द्वारा ड्राइंग कम्पटीशन का भी आयोजन किया गया था। विजेता बच्चों को संस्था द्वारा सर्टिफिकेट भी प्रदान किए गए। जी.बी. सिंह, प्रेसिडेंट सीबीएसएम ने कहा कि दिवाली मेले का माहौल एक पारंपरिक मनोरंजन मेले जैसा था- जीवंत, रंगीन व उत्साह से भरा हुआ। लोगों ने समान रूप से स्टॉलों पर खरीदारी का आनंद लिया, वस्तुएं खरीदी व अपनी कृतियां पर गर्व किया। इस आयोजन ने संस्थान समुदाय के लिए एक सार्थक व यादगार उत्सव बन गया। यह मेला एक उत्सवपूर्ण आयोजन था, जिसमें हस्तनिर्मित शिल्प, पारंपरिक कला व आनंददायक गतिविधियां शामिल थी, जिसने इसे सभी के लिए एक अविस्मरणीय आयोजन बना दिया।



