जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ के निर्देशन में विद्यालयों में हुआ”शक्ति कक्षा” का मेगा ईवेंट

- सीबीएसई, आईसीएसई एवं यूपी बोर्ड के विद्यालयों में आयोजित हुआ ”शक्ति कक्षा” का भव्य कार्यक्रम
- शिक्षक बनी छात्राओं ने साक्षा किये अपने विचार
- कहा- सरकार की छात्राओं में आत्मविश्वास जगाने के लिए सार्थकता एवं सकारात्मकता पहल
- बालिकाओं को जिम्मेदारी का भाव, निर्णय लेने की क्षमता व टीम भावना को मिला प्रोत्साहन : बीएसए/डीआईओएस
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन हेतु शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर मिशन शक्ति के विशेष अभियान 5.0 (फेज—05) का शुभारम्भ किया गया, जिसका जनपद में सफल आयोजन एवं संचालन के सम्बंध में जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार माँदड़ द्वारा निर्देशित किया गया। जिसके क्रम में 26 सितम्बर को”शक्ति कक्षा”, 27—28 को ”शक्ति खेल स्पर्धा”, 29 सितम्बर को ”शक्ति सम्मान समारोह” व 30 सितम्बर (दुर्गा अष्टमी) को ”शक्ति कन्या पूजन” जनपद में वृहद स्तर पर आयोजित किये जायेँगे।
मिशन शक्ति के विशेष अभियान 5.0 के अन्तर्गत ”शक्ति कक्षा” कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा विद्यालयों में प्रधानाचार्या/शिक्षक बन अन्य छात्राओं का ज्ञानवर्धन किया एवं विद्यालय के कुशल एवं अच्छे संचालन के सम्बंध में आवश्यक बिन्दुओं पर अपने विचारों को साझा किया। बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव ने अवगत कराया कि इस विशेष अवसर पर समस्त 446 परिषदीय विद्यालय, 23 सहायता प्राप्त विद्यालय एवं 04 कस्तूरबा विद्यालयों की बालिकाओं ने कक्षा शिक्षिका के रूप में पूरे दिन विद्यालय की जिम्मेदारी संभाली और अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। प्रात:कालीन से ही बालिकाओं ने कार्यक्रम की कमान संभाली। उन्होंने प्रार्थना से लेकर उपस्थिति दर्ज करने, पठन-पाठन कराने, खेल गतिविधियाँ संचालित करने तक सभी कार्य स्वयं किए। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास कराना था। इस अवसर पर निपुण आंकलन भी कराया गया, जिसमें बालिकाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। साथ ही उन्होंने बच्चों को स्वच्छता का महत्व समझाया और विद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान भी चलाया। इस कार्यक्रम ने बालिकाओं में जिम्मेदारी का भाव, निर्णय लेने की क्षमता और टीम भावना को प्रोत्साहित किया। विद्यालय परिवार को गर्व है कि बालिकाओं ने यह जिम्मेदारी बखूबी निभाई और स्वयं को एक सशक्त नेतृत्वकर्ता के रूप में प्रस्तुत किया। साथ ही कक्षा 1 से 8 तक के 1241 प्राइवेट विद्यालयों में भी यह कार्यक्रम संचालित किया गया। जिलाधिकारी महोदय के निदेर्शों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जिला स्तरीय महिला अधिकारियों को भी विभिन्न विद्यालयों में निरीक्षण हेतु भेजा गया उनके द्वारा भी विद्यालयों का भ्रमण कर बालिकाओं द्वारा कराई जा रहे शिक्षण कार्य का अवलोकन किया गया
जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेन्द्र श्रीवास ने अवगत कराया कि मिशन शक्ति-5 विशेष अभियान के अंतर्गत प्रदेश की महिलाओं बालिकाओं की सुरक्षा व सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए जनपद गाजियाबाद के सभी सीबीएसई, आईसीएसई एवं यूपी बोर्ड के माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 की छात्राओं को एक दिन के प्रधानाचार्या और शिक्षक बनाए गए। जिसमें सीबीएसई/आईसीएसई के 190 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने व यूपी बोर्ड के 236 विद्यालयों के कुल 42305 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिसमें कक्षा 9 से 12 के कुल 1641 कक्षाओं को छात्राओं ने पढ़ाया। इस मौके पर प्रधानाचार्या व शिक्षिका बनी छात्राओं ने अपने विचार साझा किये और कहा कि शासन—प्रसासन की यह एक अनोखी और अच्छी पहली हैं। यह छात्राओं में आत्मविश्वास जगाने के लिए सार्थकता एवं सकारात्मकता की तरफ शासन की एक शानदार पहल है।


