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महिलाओं को दी जा रही स्टाम्प शुल्क में छूट का भूतपूर्व सैनिकों और दिव्यांगजनों को भी मिलेगा लाभ

- मुख्यमंत्री ने स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग के कार्यों की समीक्षा की
- 20 हजार रुपए से अधिक के निबंधन शुल्क के लिए ई-भुगतान अनिवार्य किया जाए
- फजीर्वाड़े पर अंकुश लगाने के लिए आधार प्रमाणीकरण लागू किया जाए
- प्राधिकरणों के आवंटियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया होगी सरल, सिंगल विंडो प्रणाली से ई-पंजीकरण व्यवस्था की जाएगी लागू
- रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग के कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को दी जा रही स्टाम्प शुल्क में छूट को भूतपूर्व सैनिकों और दिव्यांगजन तक विस्तार देने का निर्णय लिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि 5 जनपदों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्राप्त सकारात्मक अनुभवों के आधार पर अब सभी जनपदों में 20 हजार रुपये से अधिक के निबंधन शुल्क के लिए ई-भुगतान अनिवार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए आधार प्रमाणीकरण की सुविधा लागू की जानी चाहिए। इसी प्रकार, प्राधिकरणों के आवंटियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाते हुए सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू की जाए। स्टाम्प विक्रय के अन्य विकल्पों पर विचार कर वेंडरों के कमीशन को तार्किक बनाया जाए। साथ ही 10 वर्ष तक की अवधि वाले लघु एवं मध्यम वर्ग के किराएनामे पर स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क में छूट दी जाए। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए, ताकि कार्यकुशलता और सेवा की गुणवत्ता बढ़ सके। बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वर्ष 2002 से 2017 तक के पंजीकृत विलेखों का 99 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूरा हो चुका है और अब अगले चरण की कार्यवाही चल रही है। वर्तमान में 98 प्रतिशत से अधिक निबंधन कार्य ई-स्टाम्प के माध्यम से हो रहे हैं। इसके अलावा, विभिन्न जिलों में मूल्यांकन सूची का पुनरीक्षण कर विसंगतियों को दूर किया गया है। उप-पंजीकरण कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। बैठक में स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



