उत्तर प्रदेशगाजियाबाद

जनपद स्तरीय बाल श्रम उन्मूलन जनपद समिति एवं जिला स्तरीय टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित

  • बाल श्रमिकों की सूची प्राप्त कर, प्राथमिकता पर बच्चों के एडमिशन कराना सुनिश्चित करें बीएसए: अभिनव गोपाल
  • चिन्हांकित बच्चों एवं उनके परिवारों को पात्रतानुसार संचालित योजनाओं से आच्छादित किया जाये
  • खतरनाक प्रक्रिया में 67 बाल श्रमिक एवं गैर खतरनाक में 256 किशोर श्रमिकों का किया चिन्हाकंन : उप श्रमायुक्त

गाजियाबाद। दुर्गावती देवी सभागार, विकास भवन में जनपद स्तरीय बाल श्रम उन्मूलन जनपद समिति एवं जिला स्तरीय टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल की अध्यक्षता में आहूत हुई। बैठक में श्रम विभाग की ओर से उप श्रमायुक्त अनुराग मिश्र द्वारा की गयी विभाग की कार्यवाही एवं प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया गया। उनके द्वारा बताया गया कि विगत वित्तीय वर्ष में कुल 285 जिनमें 36 खतरनाक श्रेणी के 249 गैर खतरनाक प्रक्रिया में चिन्हांकन किये गये। निरीक्षणों में खतरनाक प्रक्रिया में 67 बाल श्रमिक एवं गैर खतरनाक में 256 किशोर श्रमिकों के चिन्हाकंन किये गये। यह कार्यवाही एण्टी ह्यूमन ट्रेफिकिंग यूनिट एवं गैर सरकारी संगठनों के सहयोग से की गयी। यह भी अवगत कराया गया कि खतरनाक श्रेणी के बच्चों को चिन्हित करने के बाद उनके रेस्क्यू कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के समक्ष आयु परीक्षण के लिए एवं बाल कल्याण समिति के समक्ष उन बच्चों को उनके अभिभावकों को सौंपने के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण किया जाता है। प्रचार—प्रसार के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र यथा श्रीराम पिस्टम लि0, मेरठ रोड, बुलन्दशहर रोड़ इण्डस्ट्रीयल एरिया व आईआईए के सहयोग से समय-समय पर गोष्ठी की जाती रही एवं प्रचार वाहन को बाल श्रम सम्भावित क्षेत्रों में घुमाकर व्यापक प्रचार-प्रचार किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने शैक्षिक पुनर्वासन के सम्बन्ध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि श्रम विभाग द्वारा बाल श्रमिकों की भेजी गयी सूची पर प्राथमिकता पर बच्चों के एडमिशन कराना सुनिश्चित करें एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिये गये कि वे बच्चों के आयु परीक्षण कराने हेतु एक नोडल अधिकारी को नामित करते हुए श्रम विभाग के साथ आवश्यक समन्वय व सहयोग कराना सुनिश्चित किया जायें। बच्चों के परिवारों का आर्थिक पुनर्वासन के लिए जिला समाज कल्याण विभाग, उद्योग विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित किया कि अपने-अपने विभाग में संचालित योजनाओं से उक्त बच्चों के परिवारों को आच्छादित किया जाये एवं श्रम विभाग समय-समय पर सम्बंधित विभागों से समन्वय कर कार्यवाही पूर्ण करायें। बुलन्दशहर रोड इण्डस्ट्रीयल क्षेत्र के प्रतिनिधि श्री सुशील अरोडा द्वारा आश्वस्त किया गया कि उनका संगठन श्रम विभाग से सूची प्राप्त कर ऐसे बाल श्रमिकों को किताब, कॉपी एवं अन्य सामग्री उपलब्ध कराने का भी प्रयास करेगा।
बैठक में डा. जितेन्द्र सिंह, विनीता सिंह, संजय पथारिया, दिगविजय सिंह, पम्पी दास, तरूणा सिंह, संदीप कुमार सिंह, हंस राज, जितेन्द्र सिंह, अनिल गिरी एवं बिजेन्द्र सिंह, जितेन्द्र कुमार सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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