
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश के नौ जिलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के कई पद खाली पड़े हैं, जबकि 11 जिलों में एक भी मनोचिकित्सक नहीं है। यही नहीं बाल रोग विशेषज्ञ व स्त्री रोग विशेषज्ञ के 60 फीसद पद भी खाली हैं। जिलों में इसके कारण मरीजों को भारी परेशानों का सामना करना पड़ रहा है। इससे अंदाजा लगया जा सकता है की कोविड 19 की तीसरी लहर प्रदेश के लिए कितनी खतरनाक साबित होने वाली है। बता दें कि सोशल डेवलपमेंट फार कम्युनिटी फाउंडेशन राज्य के स्वास्थ्य विभाग की ओर से सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के आधार पर यह खुलासा किया है। प्रदेश के 9 जिलों में चिकित्सकों की भारी कमी चिंता का विषय बना हुआ है। वहीं एसडीसी फाउंडेशन के रिसर्च हेड ऋषभ का कहना है की सरकारी अस्पताल में 40 फीसद बाल रोग विशेषज्ञ व महिला रोग विशेषज्ञ में तैनात हैं। ऐसे में चिंता बढ़नी लाजमी है। वहीं, कई विशेषज्ञ चिकित्सकों को प्रशासनिक कार्यों में लगाया गया है। इससे मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर लाभ नहीं मिल सकेगा।



