



गाजियाबाद। शास्त्रीनगर स्थित नेहरू वर्ल्ड स्कूल प्रांगण में गुरुवार को एक भव्य अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव का गवाह बना। क्रियो-2025 का रंगारंग शुभारंभ विद्यालय के एग्जीक्यूटिव हेड टीचर सुसन होम्स, निदेशक सोनल आनंद सिंह और निर्णायक मंडल के सभी सदस्यों की उपस्थिति में हुआ। पूरे विद्यालय परिसर में उल्लास और रचनात्मकता का माहौल देखने को मिला। एग्जीक्यूटिव हेड सुश्री सुसन होम्स ने सभी प्रतिभागी छात्रों, शिक्षकों और आमंत्रित विद्यालयों का स्वागत करते हुए कहा कि यह उत्सव केवल प्रतिस्पर्धा का नहीं बल्कि सीखने और रचनात्मकता को निखारने का अवसर है। नन्हें कलाकारों की ऊर्जा और उनकी कल्पनाशीलता हम सबको प्रेरित कर रही है। इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में सृजनात्मकता, आत्मविश्वास और साधन सम्पन्नता का विकास होता है। क्रियो-2025 को इस बार हाइब्रिड स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। इसमें प्रतियोगिताएँ आॅनलाइन, आॅफलाइन और रिकॉर्डेड वीडियो के माध्यम से हो रही हैं। रिकॉर्डेड वीडियो प्रतियोगिताओं की प्रविष्टियाँ 7 अगस्त तक मंगाई गईं। 25 अगस्त से 27 अगस्त तक आॅनलाइन और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएँ आयोजित हुईं, जबकि 28 अगस्त से 30 अगस्त तक विद्यालय के प्रांगण में आॅफलाइन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इस उत्सव में 56 प्रकार की प्रतियोगिताएँ होंगी, जिनमें देश-विदेश के 168 स्कूलों के 3365 छात्र भाग ले रहे हैं। इनमें कला एवं शिल्प, फोटोग्राफी, पर्यावरण और प्रौद्योगिकी, वक्तृता, संगीत- नृत्य, रचनात्मक लेखन, गणित और इतिहास से जुड़ी प्रतियोगिताओं को शामिल किया गया है। कुछ प्रतियोगिताएँ प्रतिस्पर्धात्मक हैं, कुछ अप्रतिस्पर्धात्मक और कुछ मिश्रित स्वरूप में होंगी। आफलाइन प्रतियोगिताओं के पहले दिन छह रोचक प्रतियोगिताएँ हुईं। इसमें लंदन, यूएई, कतर, मालदीव, नेपाल, नॉर्वे सहित भारत के विभिन्न राज्यों- दिल्ली, गुरुग्राम, बुलंदशहर, नोएडा, अमृतसर, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, झारखंड, हरियाणा, मध्यप्रदेश, हैदराबाद और वाराणसी से आए छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मेजबान स्कूल होने के नाते नेहरू वर्ल्ड स्कूल ने यह घोषणा की कि उसके छात्र प्रतियोगिताओं में हिस्सा तो लेंगे और उन्हें प्रतिस्पर्धा के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, लेकिन उन्हें मिलने वाले पुरस्कार और स्थान अगले स्थान पर आने वाले स्कूल को सौंप दिए जाएंगे। इस पहल ने आयोजन की गरिमा और खेल भावना को और ऊँचाई दी। प्री-प्राइमरी स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में बच्चों की रचनात्मकता और ऊर्जा देखते ही बनी। परिणाम इस प्रकार रहे। मोल्ड इट आउट – डी.एल.एफ. साहिबाबाद, डांसिंग सुपर स्टार्स – नेहरू वर्ल्ड स्कूल एवं एपीजे स्कूल, नोएडा, एक्ट इट आउट – नेहरू वर्ल्ड स्कूल एवं एवरेस्ट पब्लिक स्कूल, कलर मी अप – नेहरू वर्ल्ड स्कूल एवं सिल्वर बेल्स स्कूल, बिट्स आॅफ पेपर – सलवान पब्लिक स्कूल, ट्रोनिका सिटी, लेट्स लेगो! डी.एल.एफ. साहिबाबाद रहे। इस अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव में भाग लेने वाले प्रमुख विद्यालयों में इनविक्टिस इंटरनेशनल स्कूल अमृतसर, बा अटोल स्कूल मालदीव, जेम्स इंग्लिश हाई स्कूल यूएई, नॉर्थ लंदन कॉलेजिएट लंदन, राजश्री गुरुकुल नेपाल, सेठ आनंदराम जयपुरिया लखनऊ, आचार्य विद्याकुला मैसूर, आर्मी पब्लिक स्कूल फिरोजपुर और पूणे, एस्कर इंटरनेशनल नॉर्वे, खेतान स्कूल, शाइनिंग स्टार इंटरनेशनल स्कूल आबूधाबी, डी.एल.एफ. साहिबाबाद, न्यू ऐरा पब्लिक स्कूल, जी.डी. गोयनका, ग्रीनफील्ड, सिल्वर बेल्स स्कूल, सनवैली इंटरनेशनल स्कूल, डीपीएसजी मेरठ रोड, छबीलदास, ए.के. चिल्ड्रेन एकेडमी, सालवान पब्लिक स्कूल, डीपीएस इंटरनेशनल स्कूल, न्यू रेनबो पब्लिक स्कूल, रिनायंस स्कूल बुलंदशहर, सेंट जेवियर स्कूल, बाल भारती पब्लिक स्कूल, डीपीएसजी सिद्धार्थ विहार, परिवर्तन स्कूल, प्रीटी पेंग्विन स्कूल मोदीनगर, प्रारम्भ, रोजबैल पब्लिक स्कूल, सेंट जेवियर हाई स्कूल आदि शामिल हैं। विद्यालय के निदेशक के.पी. सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य किशोर पीढ़ी को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहाँ वे अपनी अंतर्निहित प्रतिभाओं को व्यक्त कर सकें और रचनात्मक व्यक्तित्व को निखार सकें। उन्होंने कहा कि क्रियो-2025 जैसे अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों से छात्रों को वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और यह उन्हें न केवल प्रतिस्पर्धी बल्कि आत्मविश्वासी और सामाजिक रूप से जागरूक भी बनाता है।



