

गाजियाबाद। 9 अप्रैल 2026 को निटरा में एक दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन हुआ, जिसका विषय सुरक्षात्मक वस्त्रों में नवाचार (Innovations in Protective Textiles) था। इस राष्ट्रीय सम्मेलन का उदघाटन मुख्य अतिथि केन्द्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, विशिष्ट अतिथि मंत्री राकेश सचान ((MSME,Khadi & Village Industries, Sericulture Industries, Handloom & Textiles), उत्तर प्रदेश सरकार ने किया।
इस अवसर पर मंत्रियों ने निटरा महानिदेशक डॉ एम एस परमार के साथ आक /अकौआ/मिल्कवीड की खेती का निरीक्षण किया और इस फसल की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने वैज्ञानिकों और पत्रकारों से इस नवोन्मेषी खेती की जानकारी साझा की और इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने स्वेदेशी और आत्मनिर्भर भारत को साकार करने वाला कदम बताया। उन्होंने डॉ. परमार की तहे दिल से भूरी भूरी प्रशंसा की और मिल्कवीड फाइबर का सूत्रधार बताया। उन्होंने कहा कि ये पौधा भारतीय संस्कृति का प्रतीक है और इसके प्रत्येक हिस्से जैसे फल, तना आदि का प्रयोग डॉ परमार ने अपने वैज्ञानिक तरीके से करके बहुत से उत्पादों को निर्मित किया है जिन्हें स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने सराह है। कांफ्रेंस का शुभारम्भ मुख्य अतिथि केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह व मंत्री राकेश सचान,मुख्य कार्यकारी अधिकारी KVIC सुश्री रूप राशी जी, संयुक्त सचिव सुश्री मनीषा चटर्जी, निटरा चेयरमैन विदित जैन, निटरा डिप्टी चेयरमैन संदीप होरा और निटरा महानिदेशक डॉ एम एस परमार के द्वारा विधिवत दीप प्रज्जवलन कर किया गया। निटरा महानिदेशक ने मंत्रीयों, पूरे देश से आये प्रतिष्ठित उद्योगपतियों, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, विभिन्न विभागों से आये अधिकारी गण और पत्रकारों का तहे दिल से स्वागत किया और कहा कि ये कांफ्रेंस सुरक्षात्मक वस्त्रों के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगी।
निटरा के चेयरमैन विदित जैन अपने स्वगतभाषण में निटरा की अन्य उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और डॉ एम एस परमार की अनुसन्धान क्षमता की प्रशंसा की। उन्होंने दोनों मंत्रियों से अनुरोध किया कि आप अपना सानिध्य निटरा पर बनाये रक्खें। निटरा देश की प्रगति में अपना अमूल्य योगदान देती रहेगी।
तदुपरान्त मंच से गिरिराज सिंह और राकेश सचान ने डॉ. परमार द्वारा मिल्कवीड पर लिखित पुस्तक का विमोचन किया साथ एक वृत्तचित्र (Documentary) CLOCellTM को रिलीज किया. इसे नवागंतुक पीढ़ी और किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना दस्तावेज बताया। उन्होंने बताया कि डॉ. परमार के निर्देशन में अभी इस खेती को निटरा के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों उगाया जा रहा है और उसका निरीक्षण और अंकेक्षण देश के नामचीन वैज्ञानिक कर रहे हैं। इसके बाद इसे किसानों को व्यासायिक रूप से उगाने के लिए प्रेरित किया जायेगा।
मंत्री राकेश सचान ने इस परियोजना को बारीकी से समझा और अपने उद्बोधन में कहा कि ना केवल गाजियाबाद बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए ये गौरव का विषय है। डॉ. परमार जैसी हस्ती ने हमारी धरती को कर्मभूमि बनाकर पूरे देश में उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया वे बधाई के पात्र हैं और हमे उन पर नाज है। मै इस मंच से केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को आश्वस्त करता हूँ कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन की सरकार तहेदिल से डॉ. परमार और निटरा के साथ है।
केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने उदबोधन में निटरा के अनुसन्धान और विकास की प्रशंसा की और कहा कि वस्त्र मंत्रालय ही नहीं पूरे देश को इनके द्वारा किये गए अनुसंधानों पर गर्व है। मिल्कवीड की खेती भारतीय किसानों के लिए वरदान सिद्ध होगी। ऐसा डॉ.परमार और उनकी टीम के द्वारा किये गए अंकेक्षण से सामने आया है इसमें कम लागत से काफी अधिक आय होने का अनुमान है। सबसे बड़ी बात अब तक की रिसर्च में ये पूरा पौधा ही आय का स्रोत सिद्ध हुआ और पूरे देश से आंकड़े एकत्रित किये जा रहे हैं। इसमें कोई दोराय नहीं कि इस प्राचीन पौधे पर डॉ. परमार की रिसर्च ने पीएम मोदी के सपने स्वेदेशी और आत्मनिर्भर भारत को साकार करने में योगदान दिया है। तत्पश्चात दोनों मंत्रियों ने निटरा द्वारा बनाइ गई स्वदेशी मशीन मिल्कवीड फ्लोस और सीड सेपरेटर CLOCellTM का अनावरण किया। ये मशीन मिल्कवीड के बीज और रेशे को अलग करती है।
इसके बाद कांफ्रेंस के तकनीकी सत्रों की शुरूआत हुई और प्रबुद्ध वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और उद्योगपतियों ने इस तकनीकि समागम में शिरकत की, अपने अनुसंधानों को चर्चा की और सुरक्षात्मक वस्त्रों के भविष्य को नया आयाम देने पर जोर दिया। इसके बाद डॉ. परमार मंत्रियों और मेहमानों को धन्यवाद दिया और फिर से इस तरह की कांफ्रेंस आयोजित करने की बात कही और इस कांफ्रेंस के प्रायोजक NTTM और मिशन डायरेक्टर अशोक मल्होत्रा, वस्त्र मंत्रालय का आभार जताया।


