
गाजियाबाद। विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है। 8 सितम्बर को पूरे विश्व में आयोजित यह दिवस भौतिक चिकित्सा समुदाय की एकता और एकजुटता को दर्शाता है। यह दिवस एक बेहतर जीवन प्रदान करने की दिशा में काम करने वाले फिजियोेथेरेपिस्ट को मान्यता प्रदान करने हेतु मनाया जाता है। इस साल डब्लूसीपीटी ने फिजियोथेरेपी एवं गठिया के उद्देश्य का वर्णन कर कई महत्वपूर्ण योगदान को उजागर किया है जो फिजियोथेरेपिस्ट लोगों के स्वास्थ्य और शारीरिक कल्याण के लिये करते हंै। यह विषय लोगों को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में फिजियोथेरेपिस्ट की भूमिका के बारे में ज्ञान प्रदान करता है।
इस अवसर को चिह्नित करने के लिये आईटीएस ने विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर आज के उभरते हुए युवा फिजियोथेरेपिस्ट छात्रों को अवसर प्रदान किया कि वह मरीजों को स्वयं फिजियोथेरेपी के बारे में अवगत कराये।
आईटीएस के प्रधानाचार्य डा.सीएस राम ने आईटीएस के छात्रों को खेल की दुनिया में फिजियोथेरेपी संबंधित शैक्षणिक करियर और अवसरों का प्रख्यात वर्णन किया और हमारी आने वाली युवा पीढ़ी को प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि लोगों को स्वस्थ और गतिशील रखने में फिजियोथेरेपी का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। उप-प्रधानाचार्य डा. एम. थंगराज ने विश्व फिजियोथेरेपी दिवस की शुभकामनाएं दी और आईटीएस द्वारा इस क्षेत्र में किये जा रहे कार्य की सराहना की।
इस अवसर पर फिजियोथेरेपी के छात्रों ने अपनी कुशलता का प्रर्दशन एक सुंदर नृत्य नाटिका के द्वारा किया। आईटीएस के छात्रों ने रंगोली, क्राफ्ट, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में पूर्ण उत्साह के साथ भाग लिया। छात्रों ने फिजियोथेरेपी के बारे में लोगों को जागरूक करते हुए घर-घर जाकर जागरूकता का अभियान चलाया।
आईटीएस गु्रप के चेयरमैन डा. आरपी चड्ढा चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने संस्थान के निदेशक, फैकल्टी मेंबर तथा छात्रों को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस की बधाई दी तथा भविष्य में इस प्रकार के कार्यक्रम करने के लिये प्रोत्साहित किया।



