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आईएमटी में खिलाड़ियों के लिए रोजगारपरक कौशल संवर्द्धन कार्यक्रम का शुभारंभ

गाजियाबाद। राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के खिलाड़ियों को रोजगार के लिए सक्षम और समर्थ बनाने के लिए आईएमटी गाजियाबाद ने सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया है। खिलाड़ी रोजगारपरक कौशल संवर्द्धन प्रमाणीकरण कार्यक्रम व योजना को लॉन्च किया। आईएमटी गाजियाबाद के निर्देशक डॉ. विशाल तलवार ने इस योजना के बारे में बताते हुए कहा कि संस्थान के स्पोर्ट्स रिसर्च सेंटर के हैड डॉ. कनिष्क पाण्डेय द्वारा विस्तृत शोध के बाद यह पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तो भारी पुरस्कार, नाम, प्रतिष्ठा एवं रोजगार मिल जाता है परन्तु देश मे ंलाखों की संख्या मे ंविभिन्न खेलों के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के खिलाड़ी रोजगार के संकट से जूझते हैंं। इन्ही ंखिलाड़ियों के सशक्तीकरण के लिए यह पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। स्पोटर््स रिसर्च सेंटर के हैड डॉ. कनिष्क पाण्डेय ने इस पाठ्यक्रम के बारे में बताया कि निजी क्षेत्र और सरकारी क्षेत्र मे ंरोजगार की विशिष्ठ अपेक्षाओं और आवश्यकताओं का गहन अध्ययन और शोध कर इस पाठ्यक्रम को तैयार किया गया है। साथ ही खिलाड़ियों में 16 नैसर्गिंक मूल्य परिपक्व अवस्था में रहते हैं, उनका उपयोग वे अपने नौकरी के स्थान पर किस प्रकार कर सकते हैं। इसका भी प्रशिक्षण इस पाठ्यक्रम में दिया जायेगा। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य है, खिलाड़ी में पेशेवर एवं प्रबंधकीय क्षमताओं का विकास करना। वह इस पृष्ठ भूमि पर नौकरी के लिए आवेदन ना करें कि वे खिलाड़ी हैं, बल्की पेशेवर एवं प्रबंधकीय क्षमताओं के आधार पर भी, किसी भी क्षेत्र में नौकरी के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर सके।
इस अवसर पर उपस्थित पूर्व ओल्मपियंस एवं हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चन्द के सुपुत्र अशोक ध्यानचन्द ने कहा कि भारत में अभिभावक बच्चों को खेल से इसलिए भी दूर रखते हैं कि खिलाड़ियों के पास रोजगार की संभावनाएं बहुत कम होती है। आईएमटी गाजियाबाद का यह प्रयास वास्तव में अभूतपूर्व है जो खिलाड़ियों के लिए रोजगार के विकल्प की संभावनाओं को जन्म देगा।
पूर्व ओलिम्पयन और विख्यात पूर्व हॉकी खिलाड़ी इकबाल जफर ने कहा कि भारतीय खेल इतिहास में एक गेम चेंजर साबित होगा। साथ ही खिलाड़ियों को खेल जीवन समाप्त होने के उपरान्त सरकारी/गैरसरकारी एवं निजी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने के लिए मील का पत्थर साबित होगा। सत्यपाल सिंह ने बताया कि इस अनूठी पहल के लिए आई.एम.टी. की प्रशंसा की। भारतीय हैंडबॉल टीम के उप-कप्तान नवीन पूनिया ने कहा कि कई ऐसे राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी हम लोगों के बीच में है जो आज अपना जीवन-यापन करन ेके लिए बहुत अधिक संघर्ष कर रहे हैं। कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं आज वे ही खिलाड़ी गोल-गप्पे बेचने, पन्चर बनाने, पान की दुकान लगाने, फल-सब्जी बेचने और आॅटो या रिक्षा चलाने के लिए मजबूर है। यदि यह पाठ्यक्रम कई वर्षों पहले शुरू कर दिया जाता तो इन खिलाड़ियों को नौकरी प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होती। आईएमटी गाजियाबाद ने ऐसे खिलाड़ियों के दर्द से जुड़कर और उसे महसूस कर पाठ्यक्रम की जो यह पहल की है, उसके लिए साधुवाद।
कार्यक्रम में मौजूद राष्ट्रीय खिलाड़ी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होनें राष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता की थी परन्तु ुउम ्रबीतन ेके बाद उन्हें भूला दिया गया। आज वे पान बेचकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। आई.एम.टी. गाजियाबाद की इस पहल से उनके घावों पर मरहम सा लग गया है। भविष्य के खिलाड़ी नए प्रोग्राम के जरिये उनके साथ हुई त्रास्दी के शिकार होने से बचेंगें। देश के वरिष्ठ पूर्व नौकर शाह अधिकारी, विजय शंकर पांडेय ने कहा कि आई.एम.टी. गाजियाबाद का यह प्रयास दूरगामी परिणाम वाला होगा। खिलाड़ियों के लिए आर्थिक दृष्टि से प्रोडक्टीव होगा, उन्हें सशक्त करेगा, उन्होंने देश के सभी प्रबंधकीय संस्थानों से अपील करी कि वे आई.एम.टी. गाजियाबाद द्वारा शुरू की गई इस अनूठी पहल जैस ेविभिन्न पाठ्यक्रम अपनी संस्थान में संचालित करें। सभी प्रबंधकीय संस्थान विभिन्न संगठनों, उद्योगों को केवल लाभ कमाकर देने वाले मैनेजर ही ना दें, बल्कि देश के एक बहुत बड़े ़मानव संसाधन को भी रोजगारपरक बनाने का भी कार्य करें।
देश के विख्यात शिक्षाविद्, अनिल सहस्रबुद्धे ने कहा कि आई.एम.टी. के इस अभिनव प्रयोग को देश की शिक्षा नीति में स्थान मिलना चाहिए। इस नवाचार की जितनी प्रशंसा की जाये वह कम है। इस कोर्स की सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।
इस अवसर पर पूर्व खिलाड़ी अशोक ध्यानचंद, जफर इकबाल, सत्यपाल सिंह, सुभाष वर्मा, सतीश शिवलिंगम, नवीन कुमार पूनियां, विजय शर्मा, मोहिंदरपाल सिंह, डॉ. कनिष्क पाण्डेय, डॉ. विशाल तलवार, प्रो. अनिल सहस्त्रबुद्वे, विजय शंकर पाण्डेय, पूर्व सचिव, भारत सरकार, प्रो. सपना पोपली, आई.एम.टी. फैकल्टी, अली अंसारी, पूर्व खिलाड़ी उपस्थित थे।

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