सांसद अतुल गर्ग के परिवार की तीन पीढ़ियों ने पीएम मोदी से की संयुक्त मुलाकात

- पुत्र और पौत्री की बात और सुझाव में पीएम ने ली खास रूचि
- सियासी हलके में कह रहे हैं लोग ये रिश्ता क्या कहलाता है


गाजियाबाद। जीवन में कुछ यादें ऐसी होती हैं जो एक यादगार बनकर जीवन का हिस्सा बन जाती हैं। बीते दिन सांसद अतुल गर्ग के साथ भी कुछ ऐसा हुआ कि उनके परिवार की तीन पीढ़ियों की एक संयुक्त मुलाकात देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ के हुई। अतुल गर्ग भले ही एक छोटे समय में बड़ी सियासी उपलब्धियों के आनंद से खुद को आनंदित महसूस कर रहे हों। क्योंकि लगातार दो बार विधायक बनना और उसी दौरान विभिन्न मंत्रालयों में राज्यमंत्री का पद भी ग्रहण करना और दूसरी बार अपने विधायकी काल के दौरान ही लोकसभा की टिकट का मिलना और पहली ही बार में एक बड़ी जीत हासिल कर देश के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर में सांसद की सदस्यता ग्रहण करना। इन सभी उपलब्धियों से कहीं अधिक सांसद अतुल गर्ग के लिए निसंदेह अपने सियासी जीवन के दौरान सर्वाधिक आनंद के क्षण वो ही रहे होंगे जब उन्हें अपने परिवार सहित प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात करने का अवसर मिला और उस मुलाकात में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी दिल खोलकर परिवार के सभी सदस्यों से बातचीत की। इस बातचीत के दौरान सबसे रोचक बातचीत सांसद अतुल गर्ग की पौत्री अनहता से उनके नाम का अर्थ पूछा और अनहता ने बड़ी ही सार्थकता के साथ अपने नाम का अर्थ बताते हुए उसकी उपयोगिता को बयान किया। प्रधानमंत्री मोदी जी ने खुश होकर अनहता को एक चाकलेट भी भेंट की। इसी तरह सांसद अतुल गर्ग के पुत्र राघव गर्ग के साथ जो प्रधानमंत्री मोदी जी की बात हुई उसकी उपयोगिता को भी गंभीरता से प्रधानमंत्री ने आंका और राघव गर्ग के द्वारा गहन अध्ययन के बाद तैयार किए गए एक ऐसे बिल के मसौदे पर अपनी सहमति जताई जिसके तहत अदालतों में पैरवी ना हो पाने की स्थिति में अभियुक्तों को अनावश्यक लाभ मिल जाता है। हालांकि सांसद श्री गर्ग के परिवार की यह मुलाकात प्रधानमंत्री के एक नियमित कार्यक्रम सांसद के परिवार से मुलाकात के तहत हुई लेकिन ऐसा शायद पहली बार हुआ कि एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के तेरह सदस्य एक साथ एक ही समय में प्रधानमंत्री से मिले हों और एक आनंदित वातावरण में खुली बातचीत की हो। सियासी हलके में अब यह चर्चा हो रही है कि अतुल गर्ग के परिवार की यह मुलाकात जो ऐसे माहौल में हुई उससे यही कहा जा सकता है ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’।



