चर्चा-ए-आम

दुनिया बढ़ी तीसरे विश्व युद्ध की ओर !

कमल सेखरी

वर्ष 2026 पूरी दुनिया के लिए अशांति, हिंसा और विनाशकारी बनकर सामने आएगा और इस पूरे साल में दुनिया के कई देशों के बीच हिंसक झड़पें होंगी, कई मुल्क आपस में युद्ध के घेरे में आएंगे, कई देशों में राजनीतिक स्थितियां असंतुलित होंगी, दुनिया के कई मुल्कों में गृहयुद्ध के हालात भी बनेंगे और इसी साल के दौरान ऐसी परिस्थितियां भी खड़ी हो जाएंगी कि कुछ देशों के तानाशाह शासकों की दिमागी हिंसा की वजह से दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध का शिकार भी बन सकती है। इस तरह की भविष्यवाणियां ज्योतिष शास्त्र के कई विशेषज्ञों के माध्यम से सामने आई हैं। वर्ष 2026 की शुरूआत हम सबने देख ली जब विश्व के सबसे ताकतवर देश अमेरिका ने अपने पड़ोसी मुल्क वेनुजुएला पर हमला करके उसके 40 सैनिकों की हत्या की और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के घर यानी राष्ट्रपति भवन में अंदर घुसकर उन्हें और उनकी पत्नी को कैदी बनाकर जबरन उठाकर अमेरिका ले आए। इस जबरन अपहरण में राष्ट्रपति मादुरो की आंखों पर काली पट्टी बांधकर और उनके हाथों में बेडियां डालकर एक अपराधी कैदी की तरह खींचकर अमेरिका लाया गया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति अमेरिका में एक लंबे समय से नशीली पदार्थों की सप्लाई कराने में शामिल थे और उन्हें कई बार चेतावनी भी दी गई लेकिन वो बाज नहीं आए। इस संबंध में बताया यह जाता है कि अमेरिका में मात्र 5 प्रतिशत नशीले पदार्थ वेनुजुएला से आ रहे थे जबकि बकाया नशीले पदार्थों की सप्लाई कंबोडिया और मैक्सिको के रास्ते अमेरिका पहुंच रही थी। जबकि सच्चाई यह है कि यह सारा झगड़ा ही तेल की सप्लाई को लेकर है। वेनुजुएला दुनिया का सबसे बड़ा तेल स्टाकिस्ट है और उसके पास 303 अरब बैरल का भंडार है। जबकि सऊदी अरब में तेल का यह भंडार 267 अरब बैरल है और ईरान में 209 अरब बैरल है। लेकिन वेनुजुएला का तेल हैवी क्रूड आयल की शक्ल में है और उसे रिफाइंड आॅयल बनाने में बड़ा खर्चा होता है। वेनुजुएला इस तेल की सप्लाई अमेरिका में कम और कई अन्य देशों को अधिक कर रहा था और उसका भुगतान अमेरिकी डॉलर में ना लेकर यूरोप या अन्य स्थानीय करंसी में ही प्राप्त कर रहा था। अमेरिका को उसका यह चलन नागवार गुजरता था। लिहाजा कई बार के ना नकुर के बाद अमेरिका ने वेनेजुएला पर नए साल के प्रारंभ में ही हमला बोल दिया और उसके राष्ट्रपति व उसकी पत्नी को जबरन कैदी बनाकर उठाकर अमेरिका ले आए। अमेरिका की इस कार्रवाई का इजराइल सहित दो-चार देश समर्थन कर रहे हैं लेकिन विश्व के अधिकांश देश ऐसा करने पर अमेरिका का विरोध कर रहे हैं। भारत ने इस संबंध में बीच का रास्ता अपनाया है और इस घटना पर अपनी चिंता व्यक्त की है। लेकिन रूस, चीन और ईरान ने अमेरिका द्वारा की गई इस कार्रवाई की खुलकर निंदा की है और उत्तरी कोरिया के राष्ट्रपति किम जांग उन ने तो खुले शब्दों में अमेरिका को धमकी देते हुए कहा है कि वो राष्ट्रपति मादुरो को तुरंत छोड़े वरना तीसरे विश्वयुद्ध के लिए तैयार रहे। अमेरिका की इस हरकत के बाद चीन ने ताइवान पर अपना रवैया सख्त कर दिया है और तीखे शब्दों में संकेत दिया है कि वो किसी भी वक्त ताइवान पर वैसा ही हमला कर सकता है जैसा कि अमेरिका ने वेनुजुएला पर किया है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शासक अली खामेनेई को भी धमकी दी है कि वो ईरान में फैल रहे जनाक्रोश पर नियंत्रण करे नहीं तो अमेरिका वहां की जनभावनाओं को देखते हुए ईरान के साथ भी इसी तरह सख्ती से निपटेगा। वर्ष 2026 के आरंभ होते ही वेनुजुएला पर किए गए इस हमले को लेकर समूची दुनिया के अधिकांश देश तनाव में आ गए हैं और उनमें से अधिकांश अमेरिका के खिलाफ अपने स्वर मुखर कर रहे हैं। इनमें रूस, चीन, ईरान और उत्तरी कोरिया की तलख मिजाजी देखने को मिल रही है और वहीं दूसरी ओर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दिमागी तानाशाही मिलाकर ये संकेत दे रहे हैं कि अगर परिस्थितियां जल्द ही सामान्य होकर नियंत्रण में ना आई तो अगले कुछ ही महीनों या हफ्तों में तीसरे विश्व युद्ध की संभावना का बिगुल बज सकता है।

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