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दूधेश्वर नाथ मंदिर का तीन दिवसीय कांवड़ मेला आपसी एकता, भाईचारे व सौहार्द की मिसाल बना : मंहत नारायण गिरि

  • भी ने जाति-धर्म, राजनीति, पद से ऊपर उठकर कांवड़ियों की सेवा कर कांवड़ मेले को ऐतिहसिक बना दिया
  • महंत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सभी का आभार व्यक्त किया

गाजियाबाद। शिवरात्रि पर भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ ही 15 दिवसीय कांवड़ यात्रा भी सपन्न हो गई। मेरठ मार्ग अब पूरी तरह खुल चुका है और सुबह से ही वाहनों का आवागमन जारी है। मेरठ रोड पर वन-वे मार्ग के खुल जाने के बाद नगर निगम की टीमें सफाई व्यवस्था में जुटी हुई हैं। कांवड़ियों की सेवार्थ लगाए गए कांवड़ सेवा शिविरों के तंबू भी समेट लिए गए हैं। उधर शिवरात्रि पर शहर के सिद्घपीठ दूधेश्वरनाथ मंदिर में श्रावण मेले के दौरान दस लाख से अधिक शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। 21 जुलाई से शुरू हुए श्रावण मेले में 24 जुलाई की रात ढाई बजे तक निरंतर जलाािषेक होता रहा। इस दौरान दूधेश्वरनाथ मंदिर में भक्तों की लाइन लगी रही। इस दौरान शहर के गणमान्य लोगों ने भी शिवलिंग पर जलाभिषेक कर भगवान भोले का आशीर्वाद लिया। देर शाम तक कांवड़ियां गंगाजल लेकर दूधेश्वरनाथ मंदिर पहुंचते रहे। तो वहीं सैंकड़ों की संया में डाक कांवड़िये भी जल लेकर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपनी यात्रा सपन्न की। त्रयोदशी के जलाभिषेक के तुरंत बाद ही चतुर्दशी का जलाभिषेक शुरू हो गया था, इसकी वजह से दूधेश्वरनाथ मंदिर में निरंतर 24 घंटे तक जलाभिषेक होता रहा। भगवान दूधेश्वर का श्रृंगार आरती के चलते ही गर्भर्गृह के कपाट बंद किए गए थे, उसके उपरांत पूरा समय मंदिर के कपाट भक्तों के जलाािषेक के लिए खुले रहे। मंदिर के महंत नारायण गिरी महाराज ने कहा कि 21 जुलाई को दूधेश्वरनाथ मंदिर में श्रावण मेले का शुभारभ्ां किया गया। इसके अगले दिन सावन कर दूसरा सोमवार, मंगलवार को त्रयोदशी व हाजिरी का जलाािषेक व 23 जुलाई की सुबह 4 बजे से 24 जुलाई की रात ढाई बजे तक करीब दस लाख शिवभक्तों ने
भगवान दूधेश्वर का जलाािषेक कर आशीर्वाद लिया। लाखों कांवड़ियां हरिद्वार, गंगोत्री से गंगाजल लेकर आएं। देर रात तक कांवड़ियों के आने का सिलसिला मंदिर में जारी रहा।मंदिर में श्रावण शिवरात्रि पर आयोजित तीन दिवसीय कांवड़ मेला आपसी एकता, भाईचारे व सौहार्द की ऐसी मिसाल बन गया, जिसकी देश भर में चर्चा हो रही है। कांवड़ मेले व कांवड़ यात्रा ने गाजियाबाद को एकरूप में रंग दिया और वह एकरूप सेवा का रहा। गाजियाबाद के निवासियों, सरकारी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों, राजनैतिक दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने जाति, धर्म, राजनीति, पद आदि से ऊपर उठकर कांवड़ियों की सेवा की और कांवड़ मेले व कांवड़ यात्रा को ऐतिहासिक बना दिया। सभी के सहयोग से ही लाखों शिवभक्तों व कांवड़ियों की भीड़ के बावजूद मंदिर में ऐसी शानदार व्यवस्था रही कि इस बार का श्रावण शिवरात्रि महोत्सव देश भर में मिसाल बन गया। इसके लिए उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया। महाराजश्री ने कहा कि सबसे पहले तो प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार है, जिन्होंने ना सिर्फ मंदिर में आकर पूजा-अर्चना कराई, वरन मंदिर व पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश में ऐसी व्यवस्था कराई कि जिसकी हर कोई सराहना कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री नहीं एक सेवक के रूप में कांवड़ियों की सेवा कर व उन पर पुष्प वर्षा कर एक बार फिर साबित कर दिया कि सत्ता की बागड़ौर एक सेवक व एक भक्त के हाथ में होगी, तभी समाज, प्रदेश व देश को सही मार्गदर्शन मिल सकता है और वे विकास के पथ पर आगे बढ़ सकते हैं। श्रीमंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि पुलिस आयुक्त जे रविंद्र गौड के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन के तमाम अधिकारियों व जवानों ने 4 दिन तक ना सिर्फ सुरक्षा की बागडौर संभाली, वरन कांवड़ियों की दिन-रात सेवा की। जिलाधिकारी दीपक मीणा के न्रेतृत्व में जिला प्रशासन भी दिन-रात व्यवस्था में जुटा रहा। जिलाधिकारी ने रात्रि में पुूजा-अर्चना भी की। विधायक संजीव शर्मा श्रावण शिवरात्रि पर पूरे समय मंदिर में ही रहे और देर रात्रि तक कांवड़ियों की सेवा की। महापौर सुनीता दयाल व नगरायुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में नगर निगम की व्यवस्था बहुत ही शानदार रही। जीडीए के वाइस चेयरमैन अतुल वत्स ने मंदिर में पूजा की और व्यवस्था बनाने में भी सहयोग किया। बिजली विभाग ने कांवड़ मेले के दौरान 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई। प्रदेश के राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर, पूर्व महापौर आशा शर्मा, पूर्व महापौर आशु वर्मा, भाजपा नेता विजय मोहन आदि ने भी पूरा सहयोग दिया। मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग व उपाध्यक्ष अनुज गर्ग परिवार का कांवड़ मेले को ऐतिहासिक बनाने में विशेष सहयोग रहा। 15 दिन तक उन्होंने मंदिर में आने वाले शिवभक्तों व कांवड़ियों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था की। अनुज धर्म गर्ग जो शंभू दयाल डिग्री व इंटर कॉलेज के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने कांवड़ियों के लिए दोनों कॉलेजों में एसी युक्त कमरों में ठहराने की व्यवस्था की। एस आर सुथार मीडिया प्रभारी श्रीदुधेश्वरनाथ ने बताया कि मंदिर श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल ने भगवान का ऐसा भव्य श्रृंगार किया कि हर कोई भगवान की भक्ति में खो गया। नगर निगम के सफाई कर्मियों ने दिन-रात मंदिर व आसपास के क्षेत्र में सफाई कर अपनी निस्वार्थ भक्ति क परिचय दिया। सिविल डिफेंस, मंदिर के स्वयंसेवकों, आचार्यो, पुजारियों, मानव सेवा संगठन समेत सभी धार्मिक, सामाजिक संगठनों के कार्यकतार्ओं व सभी राजनैतिक दलों के नेताओं व कार्यकतार्ओं ने पूरा सहयोग दिया। हलवाई राजकुमार ने अपने 20 से अधिक कारीगरों के साथ 24 घंटे भोजन व्यवस्था संभाले रखी। मुस्लिम समाज के लोगों व कैला भट्टा के निवासियों ने भी पूरा सहयोग दिया। उन्होंने अपने कारोबार बंद कर कांवड़ियों की सेवा कर आपसी एकता व भाईचारे की मिसाल कायम की। महाराज श्री ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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