उत्तर प्रदेशराज्य
मुख्य सचिव ने प्रदेश में हाईटेक नर्सरी की स्थापना की प्रगति की समीक्षा की

- निर्मित हाईटेक नर्सरी को प्रोफेशनल तरीके से किया जाये संचालित
- निर्माणाधीन हाईटेक नर्सरी के कार्यों को कराया जाये शीघ्र पूर्ण
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि पौधशालाओं की स्थापना का उददेश्य तभी सार्थक होगा जब इन्हें हम प्रोफेशनल तरीके से चलाएंगे। यूपी में हाईटेक नर्सरी की स्थापना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और हरित विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इन पौधशालाओं की स्थापना का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब इन्हें प्रोफेशनल तरीके से चलाया जायेगा।
उन्होंने कहा कि जिन हाईटेक पौधशालाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, उनमें कार्य तथा संचालन उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत गठित स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं या एफपीओ के माध्यम से कराया जाये। इससे स्थानीय समुदाय को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पौधशालाओं की गुणवत्ता भी बनी रहेगी। हाईटेक पौधशालाओं में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों व आसपास के क्षेत्रों में मांग के अनुसार उन्नत किस्म के पौध तैयार किए जाएं।
उन्होंने मुख्य विकास अधिकारियों एवं जिला उद्यान अधिकारियों को निमार्णाधीन हाईटेक नर्सरी की नियमित समीक्षा करने और कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिये। इसके अलावा प्रदेश में पूर्व में स्थापित पौधशालाओं को सुदृढ़ किये जाने पर भी बल दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश सरकार ने उद्यान विभाग और मनरेगा के समन्वय से 150 हाईटेक नर्सरी की स्थापना का निर्णय लिया है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 133 नर्सरी के लिए स्थल चयनित किए जा चुके हैं, जिनमें से 57 हाईटेक नर्सरी का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, 11 हाईटेक नर्सरी का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पूर्ण हो चुकी 57 पौधशालाओं में से 44 पौधशालाओं को जिला उद्यान अधिकारियों को हस्तांतरित किया जा चुका है। हस्तांतरित 44 पौधशालाओं में से 25 पर सीडलिंग प्रोडक्शन (पौध/बीज उत्पादन) का कार्य शुरू हो चुका है, जबकि शेष 33 पर यह कार्य प्रक्रियाधीन है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 68 हाईटेक नर्सरी के संचालन के लिए 1261.23 लाख रुपये की धनराशि कृषि विभाग से प्राप्त हो चुकी है, जिसे संबंधित जनपदीय उद्यान अधिकारियों को उनके डी.डी.ओ. कोड के आधार पर आवंटित किया गया है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव उद्यान बीएल मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी आदि उपस्थित थे। वर्चुअल रूप से सभी मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला उद्यान अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।



