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आपरेशन सिंदूर और पाक के खूनी पंजे के बीच जंग शुरू

  • अजहर, हाफिज और दाऊद हमें सौंपो, अपनी जान बचाओ
  • सिसकियां, बददुआएं और आंहें पाक को करेंगी नेस्तानाबूद
  • विश्व की सभी महिलाओं की हमदर्दी जुड़ेगी आपरेशन सिंदूर के साथ

कमल सेखरी
कश्मीर घाटी के पहलगाम में मनोरंजन के लिए गए सैलानियों पर पाक समर्थित आतंकियों ने दुर्दान्ता बरतते हुए जो नरसंहार किया उसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत सरकार ने आपरेशन सिंदूर शुरू किया और तीन दिन पहले अचानक आधी रात को आतंकियों के नौ ठिकानों को निशाना बनाकर उन पर 25 मिसाइलें दागकर ताबड़तोड़ हमला किया जिसमें आतंकियों का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केन्द्र मरकज ए-सुबाहन अल्लाह जो जैश-ए-मोहम्मद का सबसे बड़ा अड्डा था उसे भी पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस हमले में दुर्दान्त अपराधी मसूद अजहर के परिवार के दस सदस्य भी मारे गए। हमें लग रहा था कि इतने बड़ हवाई हमले के बाद खौफजदा पाकिस्तान अब अपनी हरकतों से बाज आएगा और ऐसा कुछ नहीं करेगा जिससे उकसावे की कोई स्थिति बने और भारत व पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति बन जाए लेकिन पाकिस्तान बाज नहीं आया और उसने अगले ही दिन अपने देश के अवाम में फैले रोष को शांत करने के लिए भारत पर जवाबी हमला किया जो घनी आबादी पर किया गया और इसके बाद आपरेशन सिंदूर एक प्रारंभिंक युद्ध में बदल गया। बीते दो दिन में ही यह प्रारंभिक युद्ध एक बड़ी शक्ल में आ गया और दोनों मुल्कों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन गई। अब यह युद्ध आपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान की दरिंदगी के खूनी पंजों के बीच एक बड़े युद्ध की दिशा लेता नजर आ रहा है। पाक पापियों को क्या पता कि हिन्दुस्तान में सिंदूर की जज्बाती कीमत क्या है। आपरेशन सिंदूर के साथ पूरे देश की भावनाएं जुड़ी हैं, 140 करोड़ भारतीयों की संवेदनशीलता आपरेशन सिंदूर के साथ मिलकर खड़ी हैं और इस विशाल देश का बच्चा-बड़ा, सब आपरेशन सिंदूर के लिए अपनी जान तक देने को तैयार हैं। दूसरी ओर नापाक पाक के खूनी पंजों के साथ नामालूम कितनी विधवाओं की आंहे हैं, मासूम बच्चों की सिसकियां हैं, बूढ़ी माताओं की बददुआएं हैं जो पाकिस्तान के खूनी पंजे आपरेशन को छोटे से समय में ही भस्म करके स्वाहा कर सकती है। अगर पाकिस्तान बाज नहीं आया तो भारत के मासूमों के साथ जुड़ा ईश्वरी योग भारत की फौज की ताकत बनकर पाकिस्तान को नेस्तानाबूद कर देगा। हमारी फौज इस समय विश्व की चौथे नंबर की मजबूत फौज है और पाकिस्तान अपने इतिहास के सबसे कमजोर वक्त से गुजर रहा है जहां उसके साथ वहां का अवाम भी नहीं जुड़ा है और वहां की फौज भी आर्थिक अभाव में सबसे कमजोर सैन्य बल है। पाकिस्तान को अपनी आतंकी सोच बदलकर वर्तमान की हकीकत को पहचानना चाहिए और अनावश्यक अपनी बर्बादी को पाताल में डुबोने से बाज आना चाहिए। अगर वो जैसा खुद को कहता है वैसा लोकतांत्रिक मुल्क है तो उसे भारत को बेशुमार नुकसान पहुंचाने और हजारों की जान लेने वाले नामी आतंकियों मसूद अजहर, हाफिज सईद और दाऊद इब्राहिम को पनाह देने की माफी मांगते हुए तुरंत भारत को सौंप देना चाहिए इसी में उसकी भलाई है। विनाश काले बुद्धि विपरीत अगर वो अब भी नहीं सच्चाई को जानकर सकारात्मक सोच नहीं बनाता है और अपनी दरिंदगी के नशे में डूबा भारत पर हमले करने जारी रखता है तो हमें अब कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए और बिना रहम किए हैवानियत की इस जड़ को जड़मूल समाप्त कर देना चाहिए। आपरेशन सिंदूर और आपरेशन खूनी पंजे के बीच अगर ये युद्ध कुछ समय और चलता है तो इस सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता कि पूरे विश्व को आपरेशन सिंदूर के साथ जल्द ही जुड़ना ही होगा। विश्व की आधी आबादी महिलाओं की है जो आज सशक्त और बलशाली है उस आधी आबादी का भावनात्मक जुड़ाव पहलगाम की घटना के साथ जुड़ना निश्चित है यह भी आपरेशन सिंदूर की एक बड़ी ताकत होगी।

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