शिक्षा

केआईआईटी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शिक्षक एवं इंजीनियर दिवस

गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर स्थित केआईआईटी ग्रुप आॅफ इंस्टीट्युशंस में शिक्षक दिवस एवं इंजीनियर दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में संकाय सदस्यों और छात्रों को सम्मानित करना था। कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्जवलन समारोह के साथ हुई, जिसमें मुख्य अतिथि डॉ. संजय कुमार पांडे (वैज्ञानिक-एफ, सचिव एयरोनॉटिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट बोर्ड, डीआरडीओ), सरिश अग्रवाल, अध्यक्ष-केआईईटी, डॉ. प्रीति बजाज, महानिदेशक और डॉ. अनिल अहलावत, निदेशक अकादमिक शामिल थे। इसके पश्चात सरिश अग्रवाल ने डॉ. संजय कुमार पांडे (मुख्य अतिथि) को सम्मान के प्रतीक के रूप में शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
डॉ. विभव सचान, डीन ईसीई और डीन आरएंडडी ने कार्यक्रम की प्रस्तावना पेश करते हुए कहा कि शिक्षक और इंजीनियर दिवस समारोह के महत्वपूर्ण अवसर पर, हम उन शिक्षकों को सम्मानित कर रहे हैं, जिन्होंने हमारे छात्रों के भविष्य को आकार देने के साथ-साथ अनुसंधान और नवाचार में प्रगति में भी योगदान दिया है। डॉ. रुचिता गौतम, अतिरिक्त विभागाध्यक्ष ईसीई ने सर्वश्रेष्ठ पीएचडी पर्यवेक्षक/सह-पर्यवेक्षक पुरस्कार और सीवी रमन पुरस्कार के लिए पुरस्कार विजेताओं की शॉर्टलिस्टिंग के आधार के बारे में बताया।
डॉ. अनिल अहलावत, निदेशक अकादमिक और वरिष्ठ प्रोफेसर, सीएसई, डॉ. विनीत शर्मा, प्रोफेसर और डीन सीएसई, डॉ. केएलए खान, प्रोफेसर और डीन आईईसी को सर्वश्रेष्ठ पीएचडी पर्यवेक्षक/सह-पर्यवेक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दूसरी ओर, पांच संकाय सदस्यों को सीवी रमन पुरस्कार मिला। इन सदस्यों में डॉ. विपिन कुमार (प्रोफेसर एएस और एसोसिएट हेड, डीआरसी), डॉ. सुरेंद्र कुमार केशरी (एसोसिएट प्रोफेसर, आईटी), डॉ. स्वेता शुक्ला (सहायक प्रोफेसर, एएस), डॉ. रोहित वशिष्ठ (सहायक प्रोफेसर-शोध, सीएसआईटी), डॉ. अमित कुमार अरोड़ा (सहयोगी प्रोफेसर-शोध, केएसओएम) शामिल थे।
इसके बाद शैक्षणिक वर्ष 2023-24 के लिए पीएचडी पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया गया और साथ ही छात्रों को अनुसंधान प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम अनुसंधान परामर्श पुरस्कार के साथ आगे बढ़ा, जिसमें केआईईटी स्कूल आॅफ फार्मेसी के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनुज पाठक को सर्वश्रेष्ठ परामर्श पुरस्कार प्राप्त हुआ। डॉ. पांडे ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए नवाचार और आविष्कार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आजकल छात्र केवल कंप्यूटर विज्ञान का चयन कर रहे हैं, जिससे उनका ध्यान विज्ञान/इंजीनियरिंग से हटकर वेतन पैकेज पर चला गया है। हमें यह समझना चाहिए कि अकेले कंप्यूटर कुछ नहीं कर सकता, इसके लिए इंजीनियरिंग की विभिन्न शाखाओं के कौशल की आवश्यकता होती है। इसलिए, इंजीनियर्स डे समारोह के अवसर पर, वे छात्रों को कोर इंजीनियरिंग पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह देते हैंं।
अंत में ऋषि मल्होत्रा, प्रमुख मानव संसाधन ने सभी गणमान्य व्यक्तियों, संकाय सदस्यों और छात्रों को उत्सव में शामिल होने और एक परिवार के रूप में संस्थान की उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कार्यक्रम की योजना और निष्पादन में शामिल संकाय और स्टाफ सदस्यों को भी धन्यवाद दिया।

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