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खेल-खिलाड़ी राष्ट्र की प्रगति की मजबूत पहचान हैं: पूनम बिश्नोई

गाजियाबाद। खेल और खिलाड़ी किसी भी राष्ट्र की प्रगति की एक मजबूत पहचान है। जिस देश के खिलाड़ी अंतराष्‍ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं उस देश की पूरे विश्व में एक अलग पहचान बन जाती है। यह कहना पूनम बिश्नोई का है जो गाजियाबाद में जिला क्रीड़ा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं और जिन्होंने पिछले तीन सालों में अलग-अलग खेलों में प्रदेश और राष्ट्र स्तर के अनगिनत खिलाड़ी गाजियाबाद महानगर से निकाले हैं और गाजियाबाद जिले को राष्‍ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान दी है। पूनम बिश्नोई मेरठ जिले के मवाना क्षेत्र से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर बचपन से ही एक अंतर्राष्‍ट्रीय खिलाड़ी का सपना देखकर मेरठ महानगर में उच्च शिक्षा प्राप्त करने पहुंचीं जहां उन्होंने एमए एलएलबी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद नेशनल इंस्टीटयूट आफ स्पोर्ट्स से भी खेल प्रशिक्षण क्षेत्र की शिक्षा प्राप्त की। पूनम बिश्नोई के अंदर खेलों के प्रति जो लगन थी उसकी प्रेरणा से आगे बढ़कर वो 14 अलग-अलग खेलों में उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर कई मैडल जीते और अंतर्राष्‍ट्रीय स्तर पर भी लगभग आधा दर्जन खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने टोक्यो में खेली गई विश्व खेल प्रतियोगिता में भारत का तिरंगा लेकर देश का नेतृत्व किया और स्वयं तीन खेलों में पदक प्राप्त किये। उनका मूल खेल जूडो रहा लेकिन उन्होंने बाक्सिंग, डिस्क थ्रो, हेमर थ्रो सहित 14 खेलों में बराबर की निपुणता से हिस्सेदारी की। हिन्ट रेडियो पर दिये गए एक साक्षात्कार में पूनम बिश्नोई ने बताया कि उनकी देखरेख में महामाया स्टेडियम में लगभग डेढ़ दर्जन खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और इस स्टेडियम से पिछले तीन वर्षों में महिला तथा पुरुष वर्ग में पांच सौ से अधिक खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में मेडल प्राप्त कर गाजियाबाद जिले का नाम रोशन किया है। पूनम बिश्नोई जिले की पहली ऐसी महिला अधिकारी हैं जो स्वयं बुलेट बाइक चलाकर प्रतिदिन स्टेडियम से आवाजाही करती हैं। हिन्ट रेडियो पर पूनम बिश्नाई से हुई बातचीत का दूसरा प्रसारण अगले सप्ताह किया जाएगा।

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