उत्तर प्रदेशगाजियाबाद

आईटीएस मोहननगर में यूपी पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों के लिए आई.टी.एस मोहननगर में टीम बिल्डिंग, संप्रेषण और नेतृत्व विषय पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च प्रभाव वाली सार्वजनिक भूमिकाओं में काम करने वाले आधिकारियों की पारस्परिक प्रभावशीलता और नेतृत्व क्षमताओं को मजबूत करना था। कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह में आलोक प्रियदर्शी (आईपीएस), अपर पुलिस आयुक्त, गाजियाबाद व निमिष पाटिल (आईपीएस), डीसीपी ट्रांस हिंडन, गाजियाबाद, आईटीएस- द एजुकेशन ग्रुप के वाईस चेयरमैन अर्पित चड्ढा, डायरेक्टर पी आर सुरिंदर सूद, इंस्टिट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस के निदेशक डॉ. वीएन बाजपेई व आईटीएस यूजी कैंपस के निदेशक प्रो सुनील कुमार पांडे द्वारा परंपरागत रूप से दीप प्रज्जवलित कर के किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्थान के निदेशक डॉ. वी एन बाजपेई ने पुलिस विभाग के अधिकारियों का स्वागत किया। अपने स्वागत भाषण में प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया व इस प्रकार के आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। अपर पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि आज के दौर में एक सफल पुलिस अधिकारी बनने के लिए तकनीकी दक्षता के साथ-साथ मजबूत टीम भावना, प्रभावी संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता भी अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर डीसीपी ट्रांस हिंडन, गाजियाबाद निमिष पाटिल (आईपीएस) ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण पुलिस विभाग को और अधिक सक्षम और संवेदनशील बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर अर्पित चड्ढा ने सम्मेलन के आयोजन हेतु प्रसन्नता जाहिर की और कहा कि आईटीएस संस्थान समूह देश सेवा में प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष से योगदान हेतु सदा तत्पर है। सुरिंदर सूद ने कहा कि यह कार्यक्रम अकादमिक संस्थाओं और सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोग का सशक्त उदाहरण है तथा संस्थान को इस तरह के उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का हिस्सा बनने पर गर्व है। आई टी एस -द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन आर पी चड्ढा ने आयोजको को कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में इंटरएक्टिव सेशन, समूह गतिविधियाँ और केस स्टडीज के माध्यम से प्रतिभागियों को नेतृत्व व संप्रेषण की व्यवहारिक बारीकियों से अवगत कराया गया। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के नेतृत्व में इंटरैक्टिव सत्र उच्च प्रदर्शन वाली टीमों के विकास, प्रभावी मौखिक और गैर-मौखिक संचार, समाधान रणनीतियों व स्थितिजन्य नेतृत्व और आत्म-जागरूकता पर आधारित थे। अवधारणाओं का व्यावहारिक अनुप्रयोग की सुनिश्चिता के लिए वास्तविक जीवन परिदृश्य का उपयोग किया गया, प्रतिभागियों ने व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए बहुत प्रशंसा व्यक्त की। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में गाजियाबाद के 30 से अधिक पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। कुछ अधिकारियों ने साझा किया कि कैसे आज सीखी गई गई व्यहारिक तकनीकें उन्हें अपने संबंधित क्षेत्रों में बेहतर नेतृत्व करने मे मदद करेंगी। सभी पुलिस अधिकारियों ने इस आयोजन को अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया तथा भविष्य में ऐसे और कार्यक्रमों की अपेक्षा जताई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button