एकेजी में छह दिवसीय अटल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित

गाजियाबाद। अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिंग कॉलेज (एकेजीईसी) ने जनरेटिव एआई फॉर होलिस्टिक हेल्थकेयर: स्मार्ट एनालिटिक्स फॉर ह्यूमन्स एंड क्रॉप्स विषय पर छह दिवसीय अटल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफलतापूर्वक आरंभ किया गया । इस कार्यशाला का संचालन प्रो. (डॉ.) अमिता देव, सलाहकार, एकेजीईसी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम के दौरान देश-विदेश से आए प्रतिष्ठित अतिथियों एवं प्रख्यात वक्ताओं ने जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्वास्थ्य एवं कृषि क्षेत्र में परिवर्तनकारी भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए और प्रतिभागियों को इस उभरती हुई तकनीक के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। मुख्य अतिथि डॉ. कुमार राजामनी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दैनिक जीवन में उपयोग, उसके व्यावहारिक लाभ तथा मानव कल्याण में इसकी अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाएगा, बल्कि कृषि क्षेत्र को भी नई दिशा प्रदान करेगा। डॉ. जसविंदर सिंह ने गेस्ट आॅफ आॅनर के रूप में अपने विचार साझा किए। उन्होंने चिकित्सा विज्ञान एवं कृषि क्षेत्र में जनरेटिव एआई के अनुप्रयोगों पर विस्तार से चर्चा की और इसके भविष्य की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया। वहीं, प्रो. (डॉ.) अनु चौधरी, विभागाध्यक्ष कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, ने सभी प्रतिभागियों एवं फैकल्टी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की विषय-वस्तु की प्रासंगिकता और महत्ता पर जोर दिया। निदेशक एवं महानिदेशक ने इस प्रकार के कार्यक्रमों के सतत आयोजन हेतु अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए, ए.आई.सी.टी.ई. प्रायोजित अटल अकादमी के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का औपचारिक वोट आॅफ थैंक्स प्रो. इंदरजीत कौर, संयोजक अटल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग के सभी वरिष्ठ प्राध्यापक, प्रोफेसर-इन-चार्ज तथा गणमान्य विद्वान उपस्थित रहे। छह दिवसीय आयोजन का ये प्रथम सत्र न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ, बल्कि प्रतिभागियों के लिए नई तकनीकों के व्यावहारिक ज्ञान और भविष्य की संभावनाओं को समझने का एक अनूठा अवसर भी प्रदान किया।



