गाजियाबाद

आरकेजीआईटी में इनोवेशन, डिजाइन एवं एंटरप्रेन्योरशिप पर दो-दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन

गाजियाबाद। स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद तथा शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल के संयुक्त तत्वावधान में जिला शिक्षा अधिकारियों एवं डाइट सदस्यों के लिए इनोवेशन, डिजाइन एवं एंटरप्रेन्योरशिप पर दो-दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य जिला स्तर के शिक्षा प्रशासकों की नवाचार, रचनात्मकता, डिजाइन थिंकिंग एवं उद्यमिता के क्षेत्रों में क्षमताओं को सशक्त बनाना है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मूल भावना के अनुरूप है। यह राष्ट्रीय स्तर का बूटकैंप वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जो उद्यमिता शिक्षा एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रसिद्ध है। फेज-3 की यह क्षमता निर्माण कार्यशाला 20 एवं 21 नवम्बर 2025 को राज कुमार गोयल इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी गाजिÞयाबाद, उत्तर प्रदेश में आयोजित की जा रही है।
इस फेज-3 कार्यशाला का राज्य स्तर का उद्घाटन 20 नवम्बर 2025 को आरकेजीआईटी, गाजिÞयाबाद में संपन्न हुआ, जिसमें संस्थान के उपाध्यक्ष अक्षत गोयल, सलाहकार लक्ष्मण प्रसाद, एग्जिÞक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. डी.के. चौहान, निदेशक डॉ. बी.सी. शर्मा, सभी डीन, वरिष्ठ प्राध्यापक एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहेद्ध इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य तथा 60 से अधिक जिला शिक्षा अधिकारी एवं डाइट सदस्य उपस्थित रहे।
इससे पूर्व 30 अक्टूबर 2025 को, इस राष्ट्रीय पहल का उद्घाटन प्रो. सीताराम टी.जी. (चेयरमैन, एआईसीटीई), धीरेज साहू (अतिरिक्त सचिव, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग) तथा डॉ. अभय जेरे (वाइस चेयरमैन, एआईसीटीइ) द्वारा 25 राज्यों एवं 2 केन्द्र शासित प्रदेशों में एक साथ किया गया था। दो दिवसीय कार्यशाला में समूह आधारित गतिविधियाँ, सघन कार्य सत्र एवं व्यावहारिक मॉड्यूल सम्मिलित हैं, जिनका उद्देश्य नवाचार एवं समस्या-समाधान कौशलों को प्रोत्साहित करना है। यह कार्यशाला क्यों, क्या एवं कैसे के पहलुओं के माध्यम से नवाचार की गहरी समझ विकसित करती है। कार्यक्रम के दौरान सहभागियों को शिक्षा में नवाचार के महत्व, जिला स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन लाने के व्यावहारिक उपायों, तथा उद्यमी सोच विकसित करने के विभिन्न पहलुओं की समझ प्रदान की जा रही है, जिससे भविष्य उन्मुख शिक्षा तंत्र को सशक्त किया जा सके।

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