उत्तर प्रदेशगाजियाबाद
एडीएम एल/ए की अध्यक्षता में आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा बैठक आहूत

- किसी भी दिन कोई भी सन्दर्भ डिफाल्टर श्रेणी मे न जाने पाये: विवेक मिश्र
गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ के निर्देशन पर एडीएम एल/ए विवेक मिश्र की अध्यक्षता में आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा बैठक संपन्न हुई, जिसमें आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की प्रगति एवं फीडबैक की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गयी। बैठक के दौरान एडीएम एल/ए श्री विवेक मिश्र ने कहा कि प्रतिदिन समय से सन्दर्भों की मार्किंग करेगे यदि कोई सन्दर्भ उस विभाग से सम्बन्धित नहीं है तो उसको तुरन्त दूरभाष / व्हाट्सअप के माध्यम से कार्यालय / आईजीआरएस सैल को सूचित करेगें। डिफाल्टर सन्दर्भों का (5) दिवस पूर्व निस्तारित करेंगे जिससे समय रहते उनकी गुणवत्ता सम्बन्धित विभाग और जनपद स्तर से चेक की जा सके। माह के अन्तिम 5 दिवस में अभियान चलाकर अधिक से अधिक लम्बित संन्दर्भों को निस्तारित करायेगें। किसी भी दिन कोई भी सन्दर्भ डिफाल्टर श्रेणी मे न जाने पाये। डिफाल्टर होने की दशा में सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा। असंतुष्ट फीडबैक या सी श्रेणी वाले सन्दर्भों में पुन: आख्या अपलोड नहीं करना है बल्कि टीम भेजकर उसका शिकायत कर्ता की उपस्थिति में सही निस्तारण कराते हुए ‘कैप्शन’ में उक्त निस्तारण लिखकर, ऐसे सन्दर्भों का निस्तारण सुनिश्चित करेगें। माह के अन्तिम दिवस पर कोई भी असंतुष्ट फीडबैक वाले सन्दर्भ निस्तारण हेतु अवशेष न रहे भले उनकी नियत तिथि अगले माह में हों। सन्दर्भों की आख्या अपलोड करते समय श्रेणी का चयन जरूर करें कि शिकायत का निस्तारण शिकायत कर्ता की मंशा के अनुरूप हुआ है अथवा नही, नही का विकल्प चुनने की दशा में उपलब्ध विकल्पों का चयन करते हुये आख्या अपलोड करें। निर्धारित प्रारूप पर ही आख्या दें और उस पर शिकायतकर्ता अथवा उपस्थिति लोगों के हस्ताक्षर और मौके का फोटोग्राफ्स जरूर लगायें। जॉच अधिकारी द्वारा सभी आईजीआरएस सन्दर्भों के निस्तारण के समय स्थलीय निरीक्षण और शिकायत कर्ता से सम्पर्क जरूर किया जाये। जॉच अधिकारी की आख्या पर निस्तारणकर्ता अधिकारी द्वारा अपना स्पष्ट मंतव्य जरूर व्यक्त किया जाय।
बैठक के दौरान निर्देशित किया गया कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त सन्दर्भ की निस्तारण आख्या में कार्यालय का नाम, सन्दर्भ संख्या, शिकायत प्राप्त होने की दिनांक नियत दिनांक, निस्तारण करने की दिनांक, सन्दर्भ का प्रकार (श्रेणी), शिकायतकर्ता का नाम, पता व मोबाइल नम्बर, जांचकर्ता अधिकारी का नाम व मोबाईल नम्बर, शिकायतकर्ता से सम्पर्क की स्थिति, शिकायत समाधान के दौरान स्थलीय निस्तारण की फोटो पोर्टल पर अपलोड करायी जा रही है अथवा नहीं, गवाहों के नाम/पता/मोबाइल नम्बर, कृत कार्यवाही का पूर्ण विवरण (शासनादेशों/नियमों/ न्यायालयों आदि के उल्लेख सहित), क्या अन्य विभाग के उत्तरदायी अधिकारी से सम्पर्क किया गया अथवा नहीं, क्या अन्य विभाग के उत्तरदायी अधिकारी द्वारा सहयोग किया गया अथवा नहीं, निष्कर्ष, क्या किया गया निस्तारण स्पेशल क्लोज करने योग्य है अथवा नहीं, क्या अंतिम निर्णयकर्ता अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता से मोबाईल पर बात की गयी अथवा नहीं, शिकायतकर्ता संतुष्ट है अथवा नहीं, अंतिम निर्णयकर्ता अधिकारी का मंतव्य व यदि शिकायतकर्ता असंतुष्ट है तो कारण स्पष्ट करें, कि पूर्ण जानकारी अपलोड़ की जाएं। बैठक में सम्बंधित विभागों के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।



