


गाजियाबाद। गाजियाबाद जिले में विकास कार्यों को लेकर सांसद, मेयर एवं विधायकों ने एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की सचिव अर्चना अग्रवाल दिल्ली में उनके आफिस में मुलाकात की और उन्होंने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्रों के अलावा नगर निगम क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों के बारे में अवगत कराते हुए दस सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। सचिव अर्चना अग्रवाल से मुलाकात करने वालों में सांसद अतुल गर्ग, मेयर सुनीता दयाल, विधायक संजीव शर्मा, विधायक अजीत पाल त्यागी और विधायक मंजू सिवाच ने अनुरोध किया कि गाजियाबाद के हिस्से में भी एनसीआर बोर्ड द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्य आने चाहिए। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की सचिव को अवगत कराया गया कि हिंडन रिवर के पास सरकारी व गैर-सरकरी भूमि उपलब्ध है। नोएडा क्षेत्र में लगते हुए हिंडन नदी के दोनों तरफ न केवल अवैध कॉलोनी बन चुकी हंै बल्कि नदी में मिट्टी डाल कर नदी के साईज को भी छोटा कर दिया गया है। करहेड़ा व साहिबाबाद की तरफ भी ऐसी स्थिति बनती जा रही है। इसलिए उपलब्ध जमीन पर हिंडन नदी के किनारे लखनऊ की तर्ज पर हिंडन रिवर फ्रन्ट बनाने की योजना व नदी का जल साफ करने की योजना होनी चाहिए। इसी प्रकार मुरादनगर गंगनहर पर धार्मिक कार्यकलाप होते हैं और वहां पर उपलब्ध भूमि पर एक सुन्दर तट बनाने की योजना होनी चाहिए।
सन 1962- 63 में दिल्ली को केन्द्रीयकरण करने के उद्देश्य से कमला नेहरु नगर, गाजिÞयाबाद क्षेत्र में 3 हजार एकड़ भूमि दी थी जिसका 10-15 प्रतिशत ही अभी तक उपयोग हो पाया है। अत: लगभग 40 वर्ष पहले 1975 से 1980 के मध्य में गाजिÞयाबाद शहर के अंदर बहुत सारे सरकारी कार्यालय खोले गए। उन सभी कार्यालयों को एवं संस्थानों, जैसे जीडीए, नगर निगम, न्यायलय परिसर तहसील जीएसटी आॅफिस व दिल्ली के भी ऐसे कार्यालय जिनका सम्बन्ध गाजिÞयाबाद या उत्तर प्रदेश से ज्यादा है। उनके लिए यह भूमि उपयोग में लाई जा सकती है व इस भूमि पर स्थानांतरित करके भविष्य में गाजिÞयाबाद के ट्रैफिक और भीड़भाड़ की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। सुझाव दिया गया कि दिल्ली में छोटे छोटे देशों के बहुत सारे दूतावास किराये पर हंै, उन्हें भी गाजियाबाद में जगह दी जा सकती है व इसी प्रकार अन्य उपयोग में भी लाया जा सकता है। दिल्ली के अंदर रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती हुई भीड़ को देखते हुए गाजिÞयाबाद पुराने रेलवे स्टेशन को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने की दिशा में कार्य पहले ही चल रहा है।
यहां से उत्तर प्रदेश को चलने वाली गाड़ियाँ दिल्ली से चलने की बजाये गाजियाबाद से शुरू होनी चाहिए। रेलवे स्टेशन के समीप विजय नगर, पंजाब लाईन की तरफ बहुत बड़ी मात्रा में रक्षा मंत्रालय की जमीन अनउपयोगी पड़ी है। ना ही उस पर कोई योजना है। उस जमीन को आप अधिग्रहण करके यहाँ पर विशाल पार्किंग व अन्य सुविधाएँ विकसित करके दिल्ली के बोझ को कम किया जा सकता है। गाजिÞयाबाद न्यू बस स्टेण्ड से दौलतपुरा लोहा मंडी तक एक एलीवेटिड रोड बन जाने से जी.टी. रोड पर यातायात का दबाव कम करने में अत्यधिक सुविधा मिलेगी जैसा की सभी बड़े शहरों में चल रहा है। एलीवेटिड रोड को बनाते समय मेट्रो के विस्तारितकरण का भी ध्यान अवश्य रखा जाएँ। मेट्रों की विस्तृत योजना बनाते हुए प्रथम चरण में नोएडा इन्द्रिपुरम को जोड़ने का कार्य मेट्रो का विस्तारितकरण करते हुए मेट्रो को दिल्ली से लोनी तक जोड़ने का कार्य व सैक्टर 62 नोएडा से हापुड़ तक को जोड़ने का कार्य योजना में शामिल किया जा सकता है। शहर गाजियाबाद तथा मोहननगर जोन साहिबाबाद में गंगाजल की सप्लाई व गाजियाबाद में बिजली के तार भूमिगत होने का कार्य करने के लिए विधायक संजीव शर्मा ने प्रस्ताव रखा।
मोदीनगर की विधायक डाक्टर मंजू शिवाच ने मोदीनगर में सिखेड़ा रोड से शुरू होकर कपड़ा मिल तक नाले का पक्कीकरण व कवर कराने का कार्य कराने का प्रस्ताव रखा। शहर में डेयरी की समस्या को देखते हुए डेयरी संचालकों को हिंडन नदी के किनारे अथवा अन्य जगहों पर अन्य भू-खण्डों में एक यशोदा नामक योजना बनानी अति आवश्यक है। आसपास के क्षेत्र में हुडको से या एन.सी.आर बोर्ड से पैसे का इंतजाम करके डेवलप किया जा सकता है। जिससे सुनियोजित विकास सुनिश्चित कर सकें। बैठक में सांसद अतुल गर्ग के प्रतिनिधि राजेन्द्र मित्तल मेदी वाले भी मौजूद रहे।