विश्व युवा कौशल दिवस पर मेरा युवा भारत, गाजियाबाद द्वारा संगोष्ठी, विचार-विमर्श एवं पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन

- कौशल ही भविष्य, आज का सीखा गया हुनर ही कल की सफलता की नींव रखता है: देवेन्द्र कुमार

गाजियाबाद। मेरा युवा भारत गाजियाबाद, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में इंस्टीट्यूट आॅफ फाइनेंस कॉलेज, मोदीनगर में विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपनिदेशक देवेंद्र कुमार ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने सतत विकास के लक्ष्यों की दिशा में कौशल विकास की महत्ता को ध्यान में रखते हुए 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस के रूप में घोषित किया था। यह दिन युवाओं को वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। वर्ष 2025 इस दिवस की दसवीं वर्षगांठ है। उन्होंने बताया इस वर्ष का विषय कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल कौशल के माध्यम से युवा सशक्तिकरण। कॉलेज के निदेशक संघर्ष शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में शिक्षा, व्यवसाय, स्वास्थ्य, नैतिकता जैसे प्रत्येक क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। अत: युवाओं को इन विषयों में दक्षता हासिल करनी चाहिए ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार कर सकें। कार्यक्रम में डॉ. रुचि विद्यार्थी, श्रीमती शीतल, रीता घोष अध्यापकों के अलावा दीपांशु, मेघना, माही, साक्षी, अर्शी जायसवाल, फिजा, निकेत आदि युवाओं ने भाग लिया तथा युवाओं ने विषय से संबंधित अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के अंत में एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत सभी अतिथियों एवं प्रतिभागी युवाओं ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधारोपण किया। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ मातृ-सम्मान को जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है, जिसे प्रतिभागियों द्वारा भावनात्मक रूप से सराहा गया। समापन समारोह में सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रकाश तिवारी एवं पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक तालिब का सराहनीय योगदान रहा।



