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सावन के पहले सोमवार को दूधेश्वर नाथ मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब


- भक्तों की लगी लंबी-लंबी कतारें, भगवान के दर्शन के लिए भक्तों को करना पड़ घंटों इंतजार
- श्रीमहंत नारायण गिरि के सानिध्य व मार्गदर्शन में हुई व्यवस्थाओं की भक्तों ने की सराहना
गाजियाबाद। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार को भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों की लंबी-लंबी कतारें रविवार रात दस बजे से ही भगवान दूधेश्वर के दर्शन-पूजन व जलाभिषेक के लिए लग गई थीं। मंदिर के पीठाधीश्वर, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता व दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य में व मार्गदर्शन में जिला प्रशासन-पुलिस व नगर निगम द्वारा की गई व्यवस्थाओं की शिवभक्तों द्वारा सराहना की गई।
सावन के पहले सोमवार को भगवान दूधेश्वर के जलाभिषेक के लिए मंदिर में रविवार की रात्रि 10 बजे से ही भक्तों की भीड़ लगने लगी थी। कुछ ही देर में लंबी कतार लग जाने पर महाराजश्री ने रात्रि 12 बजे से ही मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खुलवा दिए। मंदिर में भगवान के दर्शन-पूजन व जलाभिषेक के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पजांब, उत्तराखंड, गुजरात, तमिलनाडु आदि से भक्त पहुंचे जिससे भक्तों की कतार घंटाघर तक पहुंच गई। भगवान के दर्शन के लिए भक्तों को घंटों इंतजार करना पड़ा मगर उनके उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही थी। भगवान दूधेश्वर व हर हर महादेव के जयकारों से मंदिर ही नहीं आसपास का क्षेत्र भी गूंजायमान रहा। प्रात: 3.15 बजे भगवान दूधेश्वर का भव्य श्रृंगार मोहित व उनकी टीम द्वारा किया गया। प्राचीन देवी मंदिर द्वारका पुरी दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज ने धूप आरती व दीप आरती की। भगवान को 56 व्यंजनों का भोग लगाया गया। भगवान का सांय को भी विजय मित्तल द्वारा भव्य श्रृंगार किया गया और 108 व्यंजनों का भोग लगाया गया। शंकर गारमेंटस के संजय गर्ग ने परिवार समेत रूद्राभिषेक कराया। भक्त भगवान के दर्शन-पूजन व जलाभिषेक के बाद महाराजश्री से भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया।
मंदिर के मीडिया प्रभारी एसआर सुथार ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर मंदिर में जलाभिषेक के लिए इस प्रकार की व्यवस्था कर रहे हैं कि भक्तों को कोई परेशानी नहीं हो रही है और जिला व पुलिस तथा नगर निगम द्वारा की गई व्यवस्थाओं की बेहद सराहना कर रहे हैं। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि सावन का सोमवार भगवान शिव को बहुत ही प्रिय है। सावन के सोमवार को जलाभिषेक करने पर वे भक्तों के सभी कष्ट दूर कर प्रत्येक मनोकामना पूर्ण करते हैं। इसी कारण सावन के सोमवार को व्रत रखकर भगवान का जलाभिषेक का इतना अधिक महत्व है कि सोमवार को पूरे दिन कभी भी जलाभिषेक करने पर भगवान की कृपा की प्राप्ति होती है।



