अध्यात्म

पितृ पक्ष शुरू होने पर श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में गुरूमूर्तियों की पूजा-अर्चना कर लगाया गया भोग

गाजियाबाद। पितृ पक्ष शुरू हो चुके हैं और आज पूर्णिमा का श्राद्ध है। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में पितृ पक्ष के दौरान प्रतिदिन ब्रहमलीन महंतों व सिद्ध संतों की पूजा-अर्चना होगी और उनकी स्मृति में भंडारे का आयोजन होगा। पहले दिन मंगलवार को श्री दूधेश्वर पीठाधीश्वर, श्री पंच दशनाम जूना अखाडा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व हिंदू यूनाइटिड फ्रंट के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने सभी गुरू मूर्तियों की पूजा-अर्चना की व उन्हें भोग लगाया। मंदिर में 5 महंतों व 13 सिद्ध संतों की 28 समाधियां हैं। मंदिर के सिद्ध संतों में बाबा इलायची गिरि महाराज का नाम सबसे शीर्ष पर आता है। बाबा इलायची गिरि महाराज को किसी ने मठ से बाहर जाते नहीं देखा और उन्होंने 299 वर्ष पूर्व मंदिर में जीवित समाधि ले ली थी। 299 वर्ष के बाद भी भक्तों को ना सिर्फ बाबा के दर्शन होते हैं, वरन बाबा के आशीर्वाद से अनेकों चमत्कार भी होते हैं।
महंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि बाबा इलायची गिरि महाराज धूने के निकट सिहासन पर बैठकर प्रभु का नाम लिया करते थे। कई-कई दिनों तक लगातार वे प्रभु का नाम लेते रहते थे और इस दौराना ना कुछ खाते-पीते थे और ना ही किसी से बात करते थे। इस दौरान यदि कोई भक्त उनसे अपनी समस्या बताता तो वे आंख बंदकर ऐसे बुदबुदाते थे, मानों किसी से बातकर रहे हों। यह क्रम कभी क्षणिक होता तो कभी घंटे या उससे अधिक का होता। उसके बाद बाबा आंख खोलकर कहते, जा घर जा तेरा काम हो जाएगा, बात हो गई है। घर जाते समय भगवान दूधेश्वर को दूध चढ़ाना मत भूलना।

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