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श्रावण शिवरात्रि पर लाखों भक्तों ने किया भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक

गाजियाबाद। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में बुधवार को श्रावण शिवरात्रि पर भगवान दूधेश्वर की कृपा की ऐसी बारिश हुई कि देश भर से आए लाखों शिवभक्त व कांवड़िए भगवान की भक्ति, श्रद्धा व आस्था से सराबोर हो गए। भारी बारिश के बावजूद शिवभक्तों व कांवड़ियों की ऐसी जबरदस्त भीड़ उमड़ी कि पूरा गाजियाबाद भगवान दूधेश्वर के जयकारों से गूंज उठा। देश भर से आए शिवभक्तों ने भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना की व हरिद्वार, ऋषिकेश, नीलकंठ, गंगोत्री आदि तीर्थ स्थलों से लाए गंगाजल से उनका अभिषेक किया और मंदिर के पीठाधीश्वर, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता व दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया। चतुर्दशी के जलाभिषेक का मुहूर्त प्रात: 4 बजे से था, मगर कांवडियों की भीड़ को देखते हुए दूधेश्वर नाथ मठ महादेव में मंदिर में जलाभिषेक का सिलसिला रात्रि 12 बजे से ही शुरू हो गया। सर्वप्रथम महाराजश्री ने भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना की व उनका जलाभिषेक किया। उन्होंने मंदिर में विराजमान सभी देवी-देवताओं, सिद्ध गुरू मूर्तियों, नवग्रह व गौमाता की पूजा-अर्चना की। प्राचीन देवी मंदिर द्वारका पुरी दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज ने धूप व दीप आरती की। मंदिर के मीडिया प्रभारी एस आर सुथार ने बताया कि महाराजश्री की अध्यक्षता व मार्गदर्शन में जलाभिषेक को लेकर जिला व पुलिस प्रशासन व नगर निगम ने ऐसी शानदार व्यवस्था की कि लाखों शिवभक्त व कांवड़ियों की भीड़ व भारी बारिश के बावजूद जलाभिषेक में कोई दिक्कत नहीं आई और भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक निरंतर होता रहा और भक्तों को भगवान दूधेश्वर के दर्शन-पूजन व जलाभिषेक में कोई परेशानी नहीं हुई। शिवभक्तों की कतार घंटाघर तो कांवड़ियों की कतार श्री ठाकुर द्वारा मंदिर तक पहुंच गई। मंदिर के 500 से अधिक स्वयंसेवक भी व्यवस्था में सहयोग के लिए तैनात रहे। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि श्रावण शिवरात्रि पर दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में भगवान दूधेश्वर की कृपा बरसती है। उनकी कृपा से सभी कष्ट, दुख व संकट दूर होते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। उनका जीवन सुख-सृमद्धि व खुशहाली से भर जाता है। इस बार की श्रावण शिवरात्रि और भी खास रही क्योंकि इस बार श्रावण शिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग, गजकेसरी योग, नवपंचम योग व बुधवारी श्रावण शिवरात्रि का योग बना है। ऐसे योग में श्रावण शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक व पूजा करना और अधिक शुभ फलदायी होता है। भगवान दूधेश्वरनाथ महादेव की कृपा से संपूर्ण क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। शहर विधायक संजीव शर्मा, भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्यक्ष बलप्रीत सिंह, पूर्व एमएलसी प्रशांत चौधरी, पूर्व महापौर आशा शर्मा, पूर्व आशु वर्मा आदि ने भी भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक किया। महाराजश्री की प्रेरणा से दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के आसपास के क्षेत्रों से लेकर मोदीनगर तक लगाए गए कांवड शिविरों में श्रावण शिवरात्रि पर उत्सव का माहौल रहा। आसमान से बरसती सावन की फुहारों के बीच डीजे पर भजनों की धुनों पर थिकरते शिवभक्तों ने गाजियाबाद को भगवान शिव की भक्ति से भिगो दिया। मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग, उपाध्यक्ष अनुज गर्ग, विजय मित्तल, पवन पुत्र अजय चोपड़ा आदि का विशेष सहयोग रहा। मंदिर में धर्म ध्वजा की स्थापना की गई मंदिर में महाराजश्री की प्रेरणा से अभिजीत मुहूर्त 12 बजकर 1 मिनट पर धर्म ध्वजा की स्थापना की गई। साथ ही जलहरी को 6 माह के लिए हटा दिया गया। अब जलहरी की पुन: स्थापना 6 माह बाद महाशिवरात्रि पर की जाएगी। भगवान के मनोहारी श्रृंगार से आत्मिक आंनद की अनुभूति हुई मंदिर में आठ प्रहर का पूजन, रूद्राभिषेक भी हुआ। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सान्निध्य में भगवान दूधेश्वर का दुग्धाभिषेक, पंचामृत स्नान, बेलपत्र अर्पण तथा शिवमहिमा पर आधारित भव्य श्रृंगार पूजन हुआ। शिवभक्तों ने भगवान दूधेश्वर के मनोहारी श्रृंगार दर्शन कर आत्मिक आनंद की अनुभूति की। श्रावण शिवरात्रि का ऐतिहसिक आयोजन अविस्मरणीय बन गया श्रावण शिवरात्रि जैसा विशाल ऐतिहािसक आयोजन महाराजश्री के सानिध्य में अविस्मरणीय बन गया। मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन तथा नगर निगम द्वारा सुरक्षा, स्वास्थ्य, जल सेवा, स्वच्छता व चिकित्सा व्यवस्था के शानदार प्रबंध किए गए। पुलिस कमिश्नर जे रविंद्र गौड़ व जिलाधिकारी दीपक मीणा ने रात्रि में मंदिर का निरीक्षण भी किया। मंदिर समिति, स्वयंसेवकों तथा सेवा संस्थाओं ने दिन-रात एक कर सेवाभाव से व्यवस्था को संभाला। कांवड़ियों के लिए विश्राम स्थल, ठंडा जलए चिकित्सा शिविरए प्राथमिक उपचार की किट और प्रसाद वितरण जैसी सेवाएं भी सुचारु रूप से चलाई गईं।

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