एन.एस.एस. स्वयंसेवकों द्वारा आई.टी.एस. कॉलेज में मनाया गया शहीद दिवस

गाजियाबाद। मोहननगर स्थित आई.टी.एस. (स्नातक परिसर) में 19 मार्च 2026 से प्रारम्भ सात दिवसीय शिविर के तीसरे दिन, 23 मार्च को संस्था एवं एन.एस.एस. इकाई के स्वयंसेवकों द्वारा शहीद दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम की विषय-वस्तु क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करना रही। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव सहित देश के महान युवा क्रांतिकारियों के सर्वोच्च बलिदान को स्मरण किया। कार्यक्रम के अंतर्गत इन महान क्रांतिकारियों के जीवन पर गोष्ठियों का आयोजन किया गया। इस माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन, कार्यशैली और उनके आदर्शों के बारे में जानकारी दी गई, जिससे युवा पीढ़ी में कृतज्ञता, सम्मान और कर्तव्य भावना का विकास हुआ। इनकी जीवनी से प्रेरित होकर युवाओं में देशप्रेम और राष्ट्रप्रेम की भावना का संचार हुआ। छात्रों ने अमर शहीदों की स्मृति में उनके साहसिक कार्यों को याद करते हुए उनके चित्रों के समक्ष श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। आई.टी.एस. की प्राचार्या डॉ. नैंसी शर्मा (स्नातक परिसर) ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि आज ही के दिन 23 मार्च को देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फाँसी दी गई थी। उन्होंने हँसते-हँसते अपने प्राणों का बलिदान देश की आजादी के लिए न्योछावर कर दिया। उनका यह बलिदान देश सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने शहीदों की स्मृति में पंक्तियाँ भी प्रस्तुत कीं— शहीदों को याद करने का आया दिन,भर लेते हैं उनकी यादों से अपना मन। हिमालय से ऊँचा साहस उनका, सर जो किसी के आगे न झुका। मातृभूमि की खातिर किया सब अर्पण, ऐसे वीरों को मेरा नमन।
साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की। इस कार्यक्रम में संस्था के शिक्षक एवं कर्मचारीगण, जिनमें प्रो. अमित शर्मा, डॉ. नीरज कुमार जैन, विकास त्यागी, डॉ. संदीप गर्ग, प्रो. विकास कुमार, प्रो. आदिल खान, डॉ. अनुभा श्रीवास्तव, प्रो. प्रशांत त्यागी सहित बीबीए एवं बीसीए पाठ्यक्रमों के लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।



