एनडीआरएफ टीम आप्स सागर बंधु सफलतापूर्वक पूरा कर श्रीलंका से भारत वापस लौटी

गाजियाबाद। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की विशेष टीम श्रीलंका में चलाए गए आॅप्स सागर बंधु के सफल समापन के बाद भारत वापस लौट आई है। यह अभियान भारत द्वारा पड़ोसी देशों को मानवीय सहायता प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण है।
हाल ही में श्रीलंका में उत्पन्न आपदा की स्थिति के बाद गाजियाबाद, (एनडीआरएफ) कमाण्डेंट प्रवीण कुमार तिवारी के नेतृत्व वाली 80-सदस्यीय टीम को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तत्काल तैनात किया गया था। टीम ने स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में फंसे नागरिकों का सुरक्षित निकास, त्वरित राहत कार्य, प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक मानवीय सहायता प्रदान की।
इस आपरेशन में कुल 66 लोगों का रेस्कयू किया जिसमें दृष्टिहीन वृद्ध, गर्भवती महिलाएं, नवजात शिशु, बुजुर्ग और कई परिवार शामिल थे। इसके साथ ही 78 लोगों को बाढ़ से घिरी कालोनियों से सुरक्षित स्थानों तक सुरक्षित पहुंचाया इस प्रकार कुल 144 नागरिकों को जीवनरक्षक सहायता प्रदान की गई इसके अलावा मानव जीवन के साथ-साथ पशुओं को भी सुरक्षित निकाला साथ ही 2 शवों को निकाल कर इसे सम्मान के साथ स्थानीय प्रशासन को सोंपा गया। पहली बार श्वानों ने गहरे मलबे में दबे मृत इंसान के शरीर को ढूंढ निकाला जिसके लिए हाल ही में इन श्वानों को प्रशिक्षण दिया गया था। राहत कार्यों में टीम ने लगभग 1800 लोगों तक भोजन, राशन और स्वच्छ पेयजल पहुंचाया। साथ ही बाढ से दूषित हो चुके कई जलकूपों की सफाई कर उन्हे पुन: पीने योग्य बनाया जो वहां के ग्रामीण समुदाय का मुख्य जलस्त्रोत है। अभियान के दौरान कमाण्डेंट प्रवीण कुमार तिवारी के नेतृत्व वाली एनडीआरएफ टीम ने कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट पेशेवर क्षमता, उच्च मनोबल और समर्पण का परिचय दिया। श्रीलंका के स्थानीय नागरिकों व प्रशासन ने विशेष रूप से एनडीआरएफ की पेशेवर विशेषज्ञता, अनुशासन और त्वरित कार्रवाई की विशेष सराहना की।
इस अवसर पर पीयूष आनंद, आईपीएस, महानिदेशक (डीजी), एनडीआरएफ एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम के सदस्यों से मुलाकात की और उनके कार्य की प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी। महानिदेशक एनडीआरएफ द्वारा टीम के सभी सदस्यों को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए महानिदेशक पदक एवं प्रशंसा पत्र से सम्मानित करने की घोषणा की। इस कार्यक्रम के दौरान सुक्ष्म जलपान का भी आयोजन किया गया।





