गाजियाबाद

केआईईटी विवि में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 का भव्य आयोजन

  • विरासत से विकास तक—स्वदेशी प्रौद्योगिकी एवं नवाचार

गाजियाबाद। केआईईटी मानद विश्वविद्यालय के एप्लाइड साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज विभाग द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 का भव्य आयोजन उत्साह और बौद्धिक ऊर्जा के साथ किया गया। यह आयोजन महान भारतीय वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्कार विजेता सी. वी. रमन की स्मृति में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन रीजनल साइंस एंड टेक्निकल सेंटर गाजियाबाद और गाजियाबाद साइंस क्लब के सहयोग से किया गया, जिसने युवाओं में वैज्ञानिक जिज्ञासा और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्जवलन के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुश्री कुमारी अलका (सहायक महाप्रबंधक, नाबार्ड), एस.सी. शर्मा (वैज्ञानिक अधिकारी, गाजियाबाद), डॉ. विवेक सुदर्शन (गाजियाबाद साइंस क्लब), डॉ. मनोज गोयल (कार्यकारी निदेशक), डॉ. अभिनव जुनेजा (निदेशक-कॉरपोरे्र्र्र्र्र्र्र्र्रट संबंध और प्लेसमेंट केंद्र), डॉ. सी.एम. बत्रा (संयोजक एवं विभागाध्यक्ष), डॉ. राशिद अली सहित विश्वविद्यालय के डीन और विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।
डॉ. सी.एम. बत्रा ने कार्यक्रम की थीम पर प्रकाश डालते हुए स्वदेशी तकनीक और नवाचार के महत्व को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में देश के विकास, सतत प्रगति और प्रौद्योगिकी में विज्ञान की भूमिका पर जोर दिया। श्री एस.सी. शर्मा ने विद्यार्थियों को जिज्ञासा, आलोचनात्मक सोच और रचनात्मक समस्या-समाधान के लिए प्रेरित किया, जिससे वे विकसित भारत 2047 के निर्माण में योगदान दे सकें।
डॉ. मनोज गोयल ने अतिथियों और विद्यार्थियों का स्वागत किया, जबकि डॉ. अभिनव जुनेजा ने राष्ट्र निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि सुश्री कुमारी अलका ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्व पर एक संवादात्मक सत्र के माध्यम से श्रोताओं को जोड़ा।
उत्सव के प्रमुख आकर्षणों में प्रोटोटाइप विकास और एक तकनीकी आइडियाथॉन शामिल रहा, जिसका उद्देश्य नवाचारों को वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान में बदलना था। कार्यक्रम में ड्रोन तकनीक पर हैंड्स-आॅन सत्र, ह्यवेस्ट टू साइंस प्रदर्शनी, ह्यमेरा भारत 2047 पोस्टर प्रतियोगिता, वैज्ञानिक खेल, ग्रैंड साइंस क्विज तथा कृषि और स्थानीय परिवहन के डिजिटल समाधान पर केंद्रित आइडियाथॉन जैसे कई रोचक आयोजन हुए। किसानों की सक्रिय भागीदारी ने बच्चों को अपनी जड़ों और भूमि से जुड़े रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय का वर्चुअल टूर भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, शोध-आधारित पारिस्थितिकी तंत्र और समृद्ध शैक्षणिक संस्कृति को दशार्या गया, जो वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दशार्ता है।
अंत में, टीबीआई-काईट के महाप्रबंधक श्री सौरव कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए अतिथियों, आयोजन समिति, संकाय सदस्यों और प्रतिभागियों के योगदान की सराहना की। इस पहल के माध्यम से विश्वविद्यालय ने शोध, नवाचार और वैज्ञानिक उत्कृष्टता की संस्कृति को पुनर्जीवित करते हुए नई पीढ़ी को खोज और सृजनशीलता के लिए प्रेरित किया।

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