लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल आधुनिक भारत के शिल्पी थे : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व व मार्गदर्शन में एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत की एकता, अखण्डता, सुरक्षा सुनिश्चित करने व दुनिया की एक बड़ी ताकत बनाने और विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने के लिए पूरी मजबूती के साथ कार्य किये जा रहे हैं। लेकिन वर्तमान में भी बहुत सारे ऐसे तत्व हैं, जो अंग्रेजों की फूट डालो-राज करो नीति को अंगीकार करके जाति, धर्म, सम्प्रदाय के नाम पर समाज में विद्वेश फैलाने का कार्य करते हैं, ताकि समाज एक न हो सके। हमारी सरकार ऐसी साजिशों से समाज को अवगत कराते हुए सामाजिक एकता को मजबूती के साथ आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री यहां लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयन्ती समारोह अभियान के अवसर पर आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल आधुनिक भारत के शिल्पी हैं। राष्ट्र के प्रति उनका योगदान अविस्मरणीय है। अंग्रेजों की फूट डालो-राज करो नीति के तहत भारत को कई टुकड़ों में विभाजित करने की साजिश रची थी। इसके पीछे कई अन्तरराष्ट्रीय ताकतें कार्य कर रहीं थीं। भारत जब आजाद हो रहा था और अन्तिम फॉमूर्ले पर चर्चा हो रही थी, उस समय अंग्रेजों ने यह शर्त रखी कि हम भारत का विभाजन इस आधार पर करेंगे कि देशी रियासतों को अपनी मर्जी के हिसाब से भारत या पाकिस्तान में सम्मिलित होने या अपना स्वतन्त्र अस्तित्व रखने का अधिकार होगा। लेकिन, इसके पीछे उनकी दुरभिसन्धि यह थी कि भारत एक न रहे, क्योंकि यदि भारत एक रहेगा, तो भारत दुनिया की एक बड़ी ताकत शीघ्र बन जाएगा। भारत की सामर्थ्य व शक्ति उसे पुन: एक विकसित राष्ट्र बना देगी। इस भय से वे भारत को अलग-अलग टुकड़ों में बांटना चाहते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के दुर्भाग्यपूर्ण विभाजन के उपरान्त स्वतंत्र भारत के पहले गृहमंत्री व उपप्रधानमंत्री लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपनी सूझबूझ से भारत की 563 देशी रियासतों को भारत गणराज्य का हिस्सा बनाकर देश की एकता को मजबूती प्रदान की। उस समय जूनागढ़ और हैदराबाद रियासत भारत गणराज्य में शामिल होने से आनाकानी कर रहीं थीं। इन दोनों रिसासतों को सरदार वल्लभ भाई पटेल ने बड़ी सूझबूझ के साथ एक रक्तहीन क्रान्ति के माध्यम से उन्हें भारत गणराज्य का हिस्सा बनाया। वर्तमान में भारत का जो स्वरूप हमें दिखाई देता है या उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चित तक भारत की जो एकता हमें दिखाई देती है, इसका श्रेय लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल को जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए उनकी पावन जयन्ती की तिथि 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में आयोजित करने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से भारतीय जनता पार्टी विगत 11 वर्षों से लगातार इस तिथि को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में आयोजित करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को हर जनपद में उत्साह व उमंग के साथ बड़े पैमाने पर ह्यरन फॉर यूनिटीह्ण कार्यक्रम को आयोजित करती है। इस आयोजन में हर स्तर के लोग सम्मिलित होते हैं। इस वर्ष भी रन फॉर यूनिटी का आयोजन होगा। लेकिन साथ-साथ कुछ नये कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे।
आगामी एक नवम्बर से 26 नवम्बर तक हर विधानसभा स्तर पर 8 से 10 किलोमीटर की पदयात्रा की जाएगी। इस पदयात्रा में प्रबुद्धजन, अन्नदाता किसानों, श्रमिकों व अन्य अनुसांगिक संगठनों को जोड़ा जाए। एनएसएस, एससीसी, स्काउट गाइड जैसे संगठनों को भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए। इस पदयात्रा में भारत माता की जयकार, वंदेमातरम गाते हुए राष्ट्र धुन के किसी गीत के साथ इस पदयात्रा को व्यवस्थित रूप से आयोजित करें। पदयात्रा के दौरान दो-दो किलोमीटर के पड़ाव पर लोगों से संवाद हेतु एक सभा की जाए, जो लोगों की अवेयरनेस का बहुत बड़ा माध्यम होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 26 नवम्बर की तिथि संविधान दिवस की तिथि है। यह तिथि बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने का दिवस है। हर जनपद से 5 युवाओं को, जिसमें 02 युवा मोर्चा के और 03 अन्य युवाओं को राष्ट्रीय पद यात्रा में शामिल होने के लिए दिल्ली और उसके बाद गुजरात पहुंचाया जाएगा।
आगामी 26 नवम्बर व 6 दिसम्बर की तिथि क्रमश: संविधान दिवस व बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर युवा एक भारत श्रेष्ठ भारत के रूप में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित कर संविधान के प्रति अपनी वचनबद्धता को याद करें और उसके अनुरूप कार्य करें। राष्ट्रीय एकता को मजबूती प्रदान करने के लक्ष्य के साथ हम सब इन कार्यक्रमों का हिस्सा बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनपद में स्वदेशी मेले आयोजित किए जा रहे हैं। हमें अपने स्थानीय हस्तशिल्पियों, कारीगरों, महिला स्वयंसहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को प्रोत्साहित करना होगा और उन्हें अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा। प्रधानमंत्री जी के वोकल फॉर लोकल अभियान को मजबूती के साथ बढ़ाना होगा और आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत को साकार करना होगा। विकसित भारत हम सबका शताब्दी संकल्प है। हर भारतवासी का शताब्दी संकल्प बनना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जो भारत की उपलब्धि है। भारत इसी प्रकार आगे बढ़ता रहेगा, तो कोई कारण नहीं भारत शीघ्र ही दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था और वर्ष 2047 में विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करते हुए दुनिया की एक बड़ी ताकत के रूप में स्थापित होगा। यह कार्य तभी पूरा होगा, जब हम सब मिलकर इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। इस अभियान में एक-एक गतिविधि, एक-एक कार्यक्रम का अपना महत्व है। इसी क्रम में स्वदेशी का भी अपना महत्व है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम स्वदेशी उत्पादों को ही खरीदें।



