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इरान ने की जंग की खुली घोषणा

  • अब जंग का अंत हमारे वार से होगा: इरान
  • अमेरिका का इजराइली प्रेम दुनिया को धकेलेगा तीसरे विश्व युद्ध में
  • खाड़ी क्षेत्र अगले 4 दिन हो सकते हैं घातक

कमल सेखरी
इरान-इजराइल के बीच पिछले 5 दिन से चल रहे महायुद्ध ने आज वो शक्ल ले ली जिसका अनुमान लगाकर युद्ध विशेषज्ञ और विश्व राजनीति के महारती अनुमान लगा रहे थे कि यह महायुद्ध अगर कुछ दिन और चला तो यह तीसरे विश्वयुद्ध का रूप भी ले सकता है। आज इसके संकेत तब मिले जब इरान ने आज छठे दिन सरकारी रूप से यह घोषणा कर दी कि वो अब इजराइल के साथ खुली जंग में उतर आया है यानी अब तक का यह युद्ध एक अधिकृत जंग की शक्ल में बदल गया है। इरान ने बड़े खुले शब्दों में कहा है कि इजराइल ने युद्ध छेड़ तो दिया है लेकिन अब हम उसे बीच में से निकलने नहीं देंगे और इस जंग का अंत हमारे आखिरी वार के साथ ही होगा। इसी के साथ इरान ने बैक टू बैक इजराइल पर मिसाइलों के हमले जारी कर दिये और ये मिसाइलें पूर्व में इस्तेमाल की गई मिसाइलों से कहीं अधिक शक्तिशाली हैं। पिछले 5 दिनों में इजराइल ने अपने ताबड़तोड़ हवाई हमले करके इरान की समस्त हवाई सुरक्षा तहस नहस कर दी है। इजराइल भले ही छोटा देश है लेकिन हवाई हमले में उसका कोई दूसरा सानी नहीं है। इजराइल ने इरान के उन ठिकानों पर भी भारी बमबारी की जहां परमाणु हथियार तैयार किए जा रहे थे और यह जगह इन हमलों में कुछ हद तक प्रभावित भी हुई है। इजराइल ने टारगेट तय करके ऐसे हमले भी किये जिसमें इरान के बड़ी संख्या में परमाणु वैज्ञानिक मारे गए और 5 दिन के भीतर ही दो आर्मी चीफ को भी लक्ष्य निर्धारित कर मार गिराया। लेकिन अभी भी इरान के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। उसने अपना न्यूक्लीयर बनाने का कार्यक्रम ना केवल जारी रखा है बल्कि शायद उसे काफी हद तक पूरा भी कर लिया है। उसका यह परमाणु निर्माण का कार्य 15 सौ मीटर गहराई में चल रहा है जहां हमला कर पाने की क्षमता इजराइल में नहीं है। इरान की इस व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की क्षमता केवल अमेरिका के पास है अगर वो अपनी अथाह गहराई तक मार करने वाली मिसाइलें इजराइल को देता है तभी इरान को नुकसान पहुंचाया जा सकता है लेकिन अगर अमेरिका ऐसा करता है और इजराइल के साथ अपने दशकों पुराने स्नेह, प्यार, और मधुर संबंधों को निभाता है तो उस स्थिति में तीसरे विश्व युद्ध को रोक पाना संभव नहीं होगा। इरान की राजधानी तेहरान और अन्य शहरों में 1500 भारतीय और अन्य विदेशी छात्र-छात्राएं जो पढ़ रही हैं उन्हें फटाफट अलजेरिया के रास्ते वापस उनके मुल्कों में भेजने की तैयारियां हो रही हैं। भारत को अधिक कठिनाई इसलिए आ रही है क्योंकि पाकिस्तान ने भारत के लिए अपने हवाई रास्ते बंद कर रखे हैं और उन्हें तीन घंटे अतिरिक्त यात्रा करके भारत पहुंचना पड़ रहा है। इजराइल में भी कुछ छात्र और श्रमिक फंसे हुए हैं जिन्हें लाने की प्रक्रिया चल रही है। इरान और इजराइल से विदेशी नागरिकों के पलायन का कार्य पूरा होते ही इन दोनों मुल्कों के बीच यह जंग बड़ा उग्र रूप भी ले सकती है। अमेरिका के बीच में आते ही रूस और चीन सहित उत्तरी कोरिया और यूरोप व खाड़ी क्षेत्र के सभी देश चाहे-अनचाहे इस विनाशकारी महायुद्ध का हिस्सा बन सकते हैं वैसे भारत ने अपना समर्थन इजराइल के पक्ष में दे दिया है। यह जंग आगे बढ़कर विनाशकारी महाजंग जिसे हम तीसरे विश्वयुद्ध का नाम दे सकते हैं वो स्थितियां अगले तीन चार दिन में खुलकर सामने आ सकती हैं।

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