शिक्षा

आईटीएस स्कूल आफ मैनेजमेंट में अंतरराष्ट्रीय गेस्ट लैक्चर का आयोजन

गाजियाबाद। आईटीएस स्कूल आफ मैनेजमेंट गाजियाबाद में 26/8/2025 को इंगेजिंग जेन जेड लर्नर्स फॉर डीप लर्नर्स विषय पर पीजीडीएम के 30वें सत्र के छात्रों हेतु गेस्ट लैक्चर का आयोजन किया गया जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों ने सत्र का संचालन किया। आईटीएस- द एजुकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा, निदेशक (पी आर) सुरेंद्र सूद, निदेशक डॉ. अजय कुमार, अतिथि डॉ. विलियम कोईहलर, डीन, मार्शल एम स्लोएन स्कूल आॅफ बिजनेस, बोस्टन, यूएसए एवं डॉ मोहन लाल अग्रवाल, चीफ एडिटर, इंडो गल्फ टीवी शो बिजनेस इन नेक्स्ट 25 द्वारा मां शारदा के समक्ष पारंपरिक दीप प्रज्जवलन के साथ आयोजन की शुरूआत की गई। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. अजय कुमार ने उपस्थित सभी शिक्षाविदों का स्वागत किया तथा अपने संबोधन में छात्रों से वर्तमान जनरेशन जेड के छात्रों को आवश्यकतानुसार इनोवेटिव लर्निंग हेतु प्रेरित किया और उपयुक्त टूल्स के उपयोग पर प्रकाश डाला। आईटीएस-द एजुकेशन ग्रुप के निदेशक (पी आर) सुरेंद्र सूद ने स्व प्रेरित चेष्टा से ज्ञान अर्जित करने और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के समुचित उपयोग पर ध्यान आकृष्ट किया। आईटीएस-द एजुकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने इस प्रकार के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की और छात्रों के उत्साह की प्रशंसा की साथ ही वैश्विक स्तर पर ज्ञान और कौशल विकास के लिए उन्हें उत्साहित किया। आईटीएस-द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आर पी चड्ढा ने अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की और छात्रों तथा शिक्षकों को बधाई दी। सत्र का आरंभ डॉ. मोहन लाल अग्रवाल द्वारा किया गया। इस दौरान उन्होंने लर्नर इंगेजमेंट थ्रू इनोवेशंस, रियल वर्ल्ड सिमुलेशन एवं वैल्यू बेस्ड स्किल्स के लिए छात्रों को प्रोत्साहित किया। डॉ विलियम कोईहलर ने सफल प्रोफेशनल हेतु डीप लर्निंग थ्रू क्यूरोसिटी एंड कन्फर्मिटी, एक्सपीरियंशल लर्निंग एवं क्रिटिकल लर्निंग की आवश्यकता पर जोर दिया साथ ही ग्लोबल थिंकिंग और इमोशनल इंटेलीजेंस पर अपने विचार व्यक्त किए। छात्र, शिक्षक एवं वक्ता सभी काफी प्रसन्न थे एवं एक नवीन शैक्षणिक वातावण का आनंद उठा रहे थे। ज्ञातव्य हो कि आईटीएस स्कूल आॅफ मैनेजमेंट गाजियाबाद में समय समय पर छात्रों के प्रोफेशनल एवं उद्यमिता विकास के लिए इस तरह के अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और छात्र तथा शिक्षक इसका भरपूर लाभ उठाते हैं।

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