भारत आज अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ दुनिया में उभर रहा है: मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न, बोधिसत्व बाबा साहब भीमराव रामजी आंबेडकर की जयन्ती और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर पूर्व छात्रों तथा एनसीसी कैडेट्स को सम्मानित किया। बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण बाद उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का बचपन अभावों में बीता। उन्हें सामाजिक भेदभावों से गुजरना पड़ा। उन्हें विदेशी गुलामी के चंगुल में फंसे देश में सामाजिक दासता में बंधते हुए अपमान सहने को मजबूर होना पड़ा। बाबा साहेब देश के उन विरले लोगों में से थे, जिन्होंने दुनिया की उच्चतम डिग्री हासिल की। वह जहां भी गए, उन्होंने अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ी और अपनी एक पहचान बनायी। बड़ौदा के महाराज द्वारा उन्हें विशेष छात्रवृत्ति दी गयी, जिससे बाबा साहेब बाहर गए और उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद वह वापस अपने देश लौटे और आजादी के आन्दोलन से जुड़े। देश गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हो, इसके साथ ही समाज को भी दासता से मुक्त कराने के संकल्प को चरितार्थ करने की दिशा में बाबा साहेब ने कार्य किया। आज इसके परिणाम हमारे सामने हैं।
यह वर्ष अत्यन्त महत्वपूर्ण है। 26 जनवरी, 2025 को हमने देश के संविधान के अमृत महोत्सव कार्यक्रमों को भव्यता के साथ सम्पन्न किया है। संविधान हमें अधिकार देता है। अधिकारों की रक्षा तभी होती है, जब हमें अपने कर्तव्यों का एहसास भी हो। इन कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा बाबा साहब के संविधान ने हमें प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ के आयोजन में बहुत पोटेंशियल है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य, जहां पहले पहचान का संकट था, उसके लिए अपनी ब्राण्डिंग करने और पहचान बनाने का कुम्भ एक अच्छा अवसर हो सकता है। इस दृष्टि से हमने वर्ष 2025 के महाकुम्भ में वर्ष 2019 के अनुभवों का लाभ लेते हुए इसे वैश्विक इवेण्ट के रूप में आगे बढ़ाया। भारत के सभी प्रान्तों, वृहत्तर भारत के सभी देशों सहित दुनिया के 100 से अधिक देशों की उपस्थिति महाकुम्भ प्रयागराज-2025 में हुई। 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का महाकुम्भ में आगमन हुआ। महाकुम्भ में हर जाति, हर मत, हर सम्प्रदाय के अनुयायी एक ही घाट पर एक साथ स्नान कर रहे थे। वहां कोई भेदभाव नहीं था। महिला-पुरुष का भी कोई भेद नहीं था। यह महाकुम्भ का सामाजिक पक्ष है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के पास विजन होता है। वह कार्य करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास पूंजी नहीं होती। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की शुरूआत की है। इसके तहत प्रत्येक वर्ष एक लाख युवाओं को नये उद्यमियों के रूप में तैयार किया जाना है। अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अति पिछड़ी जाति के युवाओं को इस अभियान में प्राथमिकता दी गई है। इसमें मार्जिन मनी में छूट का प्राविधान है। युवाओं को बिना गारण्टी तथा ब्याजमुक्त 5 लाख रुपये ऋण की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।
इस अवसर पर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजकुमार मित्तल, विश्वविद्यालय के शिक्षक तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।




