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सोचा नही था तकदीर यहां लायेगी, मंजिल पे आते ही चली जायेगी जान! नौ साल बाद जेल से रिहा हुए व्यक्ति व बेटी की सड़क हादसे में मौत,

कन्नौज। सोचा नही था तकदीर यहां लायेगी, मंजिÞल पे आते ही जान चली जायेगी। कन्नौज के विजय कुमार 9 साल की सजा काटने के बाद इटावा जेल से रिहा किये गये, बेटी और पत्नी विजय को जेल के गेट से घर के लिये आॅटो में सवार होकर निकली तो बीच रास्ते में ही लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर आॅटो का इतना भयानक एक्सीडेंट हुआ कि 9 वर्ष बाद जेल से रिहा हुए विजय कुमार और बाप के इंतजार में जिंदगी गुजार रही उसकी बेटी की मौत हो गई और पत्नी की हालत गंभीर है, इसे कहते है मंजिÞल पर आते ही पांव कट जाना, विजय कुमार की मौत उन्हें जेल से निकालकर सड़क पर लाई और मौत विजय व उसकी बेटी को अपने साथ ले गई। 9 वर्षों से बेटी बाप का, पत्नी सुहाग का और विजय परिवार से मुलाकात की उम्मीदों में हर दिन हर रात काटता रहा, वह जेल से रिहा हुए और घर के लिए निकले तो बीच रास्ते में ही मौत ने ऐसा झपट्टा मारा कि उन्हें सदा के लिए इस दुनिया से ले गया। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कार चालक को हिरासत में ले लिया है। कोतवाली गुरसहायगंज गुगरापुर पडुआपुर निवासी विजय कुमार (50) और उनकी पुत्री सुभी (18) की हादसे में मौत हो गई थी। परिजनों ने बताया कि वर्ष 2012 में गांव के छोटेलाल की हत्या के आरोप में विजय कुमार को जेल भेजा गया था। इसके बाद न्यायालय से हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। सजा के बाद कन्नौज कारागार से उसे इटावा कारागार भेज दिया गया था, जहां नौ साल सजा काटी। इसके बाद जमानत मिली थी। विजय की पत्नी ईश्वरवती और पुत्री सुभी सौंसरापुर के सोहेल का आॅटो किराये पर कर इटावा गए थे। वहां से विजय को साथ लेकर घर आ रहे थे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर थाना तालग्राम के रनवां गांव के पास कार ने आॅटो में पीछे से टक्कर मार दी थी, हादसे में पिता-पुत्री की मौत हो गई थी। पत्नी व चालक अस्पताल में भती हैं। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने आॅटो में टक्कर मारने वाली कार को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। चालक को हिरासत में लिया गया है।

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