
- हथियार डालने वालों में 20 महिला नक्सली में
- आत्मसमर्पण करने वालों को मिलेंगे 25 हजार रुपए
नई दिल्ली। देश के गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को तेलंगाना पहुंचे। यहां बस्तर दौरे के दौरान 86 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 66 पुरुष और 20 महिलाएं शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वालों को मुख्यधारा में लौटने के लिए तत्काल सहायता के रूप में 25 हजार रुपये भी दिए गए। पुलिस के अनुसार, इस वर्ष अब तक विभिन्न कैडर के 224 नक्सली पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुके हैं। आदिवासियों के बीच विश्वास और समर्थन खोने के बाद उग्रवादियों ने मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है।
जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के कुल 86 सदस्य शनिवार को तेलंगाना के भद्रादी कोठागुडेम जिले में हेमचंद्रपुरम पुलिस मुख्यालय पहुंचे, जहां पर उन्होंने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 20 महिलाएं शामिल हैं। चार एरिया कमेटी सदस्यों (एसीएम) सहित 86 माओवादियों ने नक्सलवाद के हिंसक रास्ते को छोड़ने का फैसला किया है, क्योंकि वह अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, नक्सलियों ने मल्टी जोन-1 के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) एस चंद्रशेखर रेड्डी के सामने आत्मसमर्पण किया है। बताया गया है कि आत्मसमर्पण करने वालों को तत्काल सहायता के रूप में 25 हजार रुपये दिए गए।
एरिया कमेटी सदस्यों पर था 4-4 लाख रुपये का इनाम
भद्रादी कोठागुडेम पुलिस के मुताबिक जिन चारों एरिया कमेटी सदस्यों ने हथियार डाले हैं उनकी गिरफ्तारी पर चार-चार लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने ‘आॅपरेशन चेयुथा’ के तहत आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने बताया कि सभी नक्सलियों ने आदिवासी समुदायों के लिए किए जा रहे विकास और कल्याणकारी पहलों के बारे में जानने के बाद आत्मसमर्पण करने का फैसला किया