गाजियाबाद
केआईईटी में हुआ स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2025 के ग्रैंड फिनाले का उद्घाटन

- 11 राज्यों की 26 टीमें और 36 घंटे का कोडिंग मैराथन
गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर, गाजियाबाद स्थित केआईईटी मानद विश्विद्यालय ने सोमवार को अपने कैंपस में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2025 -सॉफ्टवेयर एडिशन के ग्रैंड फिनाले का उद्घाटन किया जो कि 8-9 दिसंबर 2025 तक पूरे भारत में आयोजित हो रहा है।। इसमें देश भर के स्टूडेंट इनोवेटर्स, सरकारी मंत्रालयों, विभागों और इंडस्ट्री बॉडीज द्वारा शेयर की गई असल दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए एक साथ आए।
यह राष्ट्रव्यापी पहल शिक्षा मंत्रालय, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, शिक्षा मंत्रालय की नवाचार प्रकोष्ठ, एसबीआई फाउंडेशन तथा आई4सी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है। क्लॉड तकनीकी भागीदार, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज तथा पर्सिस्टेंट ज्ञान भागीदार, और दूरदर्शन समाचार तथा आकाशवाणी मीडिया भागीदार हैं। काईट में उद्घाटन समारोह मुख्य अतिथि श्री अतुल गर्ग जी (कुलाधिपति, केआईईटी मानद विश्विद्यालय, अध्यक्ष, शासी बोर्ड और टीबीआई केआईईटी और संसद सदस्य, गाजियाबाद) द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ शुरू हुआ। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि सुजीत बनर्जी (एआईसीटीई नोडल केंद्र प्रमुख) और मनवीन सिंह चड्ढा (अतिरिक्त निदेशक – स्टार्टअप और इनोवेशन, एसोचैम) के साथ डॉ. मनोज गोयल (कार्यकारी निदेशक केआईईटी), डॉ. आदेश पांडेय (निदेशक अकादमिक) और सौरव कुमार (एसपीओसी नोडल केंद्र केआईईटी, महाप्रबंधक, टीबीआई-काईट) भी उपस्थित थे।
नोडल केंद्र प्रमुख सौरव कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम देशभर के 60 केंद्रों पर आयोजित किया जा रहा है और काईट उनमें से एक है। यहाँ आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और ओडिशा समेत 11 राज्यों की 26 टीमें भाग ले रही हैं, जो सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय द्वारा साझा किए गए 5 समस्या विवरणों पर कार्य करेंगी। ये समस्याएं मुख्यत: स्वच्छ एवं हरित प्रौद्योगिकी तथा स्मार्ट स्वचालन विषय से संबंधित हैं। एआईसीटीई नोडल सेंटर हेड सुजीत बनर्जी ने काईट मानद विश्विद्यालय की तैयारी, इंफ्रास्ट्रक्चर और नेशनल लेवल के इनोवेशन इवेंट को होस्ट करने के कमिटमेंट की तारीफ की, और पार्टिसिपेंट्स को स्केलेबिलिटी, समाज पर असर और इम्प्लीमेंटेशन पर ध्यान देने के लिए हिम्मत दी। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए सांसद अतुल गर्ग ने भारत के युवाओं की इनोवेशन क्षमता की तारीफ की और कहा कि हैकाथॉन देश बनाने, एक्सपेरिमेंट करने और असरदार टैक्नोलॉजी सॉल्यूशन के को-क्रिएशन के लिए एक जरूरी प्लेटफॉर्म है। उन्होंने बताया कि आज सफलता या असफलता के बारे में ज्यादा न सोचें। लगातार कोडिंग और सॉल्यूशन डेवलपमेंट के इन 36 घंटों का पूरा फायदा उठाएँ। अगर आप अपनी प्रॉब्लम स्टेटमेंट के लिए सही सॉल्यूशन नहीं भी निकाल पा रहे हैं, तो भी निराश न हों। प्रॉब्लम स्टेटमेंट पर तब तक काम करते रहें जब तक आपको उसका सही सॉल्यूशन न मिल जाए। प्रधानमंत्री समेत पूरे देश को युवाओं पर पूरा भरोसा है कि वे भारत को विकसित भारत बनाने के लिए एक मजबूत कैटलिस्ट बन सकते हैं। उद्घाटन समारोह डॉ. मनोज गोयल के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ खत्म हुआ, जिन्होंने विश्विद्यालय में आए मेहमानों, जूरी सदस्यों और प्रतिभागियों का स्वागत किया और इनोवेशन पर आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। लोकल उद्घाटन के बाद, विश्विद्यालय सेंट्रल उद्घाटन से जुड़ा, जिसकी शुरूआत अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. अभय जेरे के शुरूआती भाषण और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. टी.जी. सीताराम के समापन भाषण से हुई। इसके साथ ही, लोकल उद्घाटन आॅफिशियली खत्म हो गया। उद्घाटन सेशन में डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट डॉ. विभव सचान के साथ-साथ सभी आॅर्गनाइजिंग कमिटी के सदस्य, डीन, डिपार्टमेंट के प्रमुख, फंक्शनल हेड, फैकल्टी सदस्य और स्टूडेंट कोआॅर्डिनेटर मौजूद थे। समारोह के बाद, प्रतिभागियों को इवैल्यूएशन प्रोसेस, मेंटरिंग प्रोटोकॉल के बारे में बताया गया, और असल दुनिया की समस्याओं के लिए डिजिटल, स्केलेबल और सस्टेनेबल सॉल्यूशन डिजाइन करने के मकसद से लगातार 36 घंटे का कोडिंग मैराथन शुरू किया गया।





