आईटीएस में वार्षिक माता की चौकी का भव्य आयोजन

गाजियाबाद। मोहननगर स्थित आईटीएस में परंपरागत श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लहास के साथ वार्षिक माता की चौकी का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ दुर्गा के विधिवत पूजन के साथ हुआ, जो आई.टी.एस. द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आर.पी. चड्ढा, लेडी चेयरमैन श्रीमती मीरा चड्ढा तथा वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा द्वारा संपन्न किया गया। पूजन के उपरांत माँ दुर्गा से संस्थान, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं समाज के कल्याण की कामना की गई। इस अवसर पर आईटीएस द एजुकेशन ग्रुप के सचिव बी.के. अरोड़ा एवं डायरेक्टर (पी.आर.) सुरिंदर सूद भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। संस्था की निदेशक डॉ. अजय कुमार, डॉ. सुनील कुमार पांडेय एवं डॉ. नैंसी शर्मा, आमंत्रित अतिथि, संस्था के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में लोगों ने इस माता की चौकी में भाग लिया एवं माता रानी के चरणों में श्रद्धा अर्पित की और आयोजन की सराहना की। इस अवसर पर संस्थान को आकर्षक रूप से सजाया गया एवं मनोहारी पंडाल का निर्माण कराया गया जिसमे माता दुर्गा की प्रतिमा के साथ अन्य देवी देवताओं की स्थापना कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। संस्था की विद्युत सजावट ने उपस्थित श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया। संपूर्ण परिसर में भक्ति गीतों, भजनों एवं माँ की आराधना से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। उल्लेखनीय है कि प्रति वर्ष आईटीएस- द एजुकेशन ग्रुप के सभी संस्थानों में माता की चौकी का भव्य आयोजन किया जाता है एवं इस माता की चौकी का गाजियाबाद में अपना एक विशिष्ठ स्थान है। यह वार्षिक आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि आई.टी.एस. परिवार की सांस्कृतिक परंपराओं, सामूहिक सहभागिता एवं सामाजिक समरसता को भी सुदृढ़ करता है। आयोजन के सफल संचालन में संस्थान के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का सराहनीय योगदान रहा। क्षेत्र के सुप्रसिद्ध भजन गायकों की मधुर एवं कर्णप्रिया भजन प्रस्तुतियों ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव विभोर एवं नृत्य करने पर विवश कर दिया। कलाकारों द्वारा पंडाल मे भजन संध्या का आयोजन किया गया और सभी लोगो ने होकर इसका आनंद उठाया। समस्त शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र गण बारी बारी से दर्शन का लाभ प्राप्त कर प्रसाद ग्रहण किया। परिसर के समस्त निकायों के शिक्षक सपरिवार, कर्म चारी गण और सभी छात्र रात्रि भोज हेतु आमंत्रित थे और सुंदर स्वादिष्ट और भोजन का रसास्वादन कर काफी खुश थे।



