क्यूआर कोड के माध्यम से उत्तर प्रदेश को विकसित उत्तर प्रदेश बनाये जाने हेतु सजेशन दें: नरेन्द्र भूषण

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के विजन डॉक्यूमेन्ट के निर्माण की दिशा में समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान के संबंध में प्रबुद्धजनों को आबद्ध करते हुए कार्यक्रम की अवधारणा, प्रारम्भिक रूपरेखा एवं जन-भागीदारी हेतु कार्यशाला का आयोजन हिन्दी भवन में किया गया। जिसमें अतिथियों द्वारा स्कूली छात्र-छात्राओं, पैरामैडिकल स्टाफ, डॉक्टरों एवं निजी डॉक्टरों को विजन डॉक्यूमेन्ट के निर्माण की दिशा में दिशा-निदेर्शों दिये गये। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल द्वारा कार्यकम को प्रारम्भ किया गया तथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विकसित उत्तर प्रदेश हेतु क्यू आर कोड के माध्यम से अपने सुझाव प्रदान किये जाने हेतु जागरूक किया गया।
अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा एवं प्राविधिक, उत्तर प्रदेश शासन नरेन्द्र भूषण द्वारा प्रिवेन्टिव मैडिसिन, वैक्सीनेशन तथा कोविड मैनेजमेन्ट के बारे में जनपद गाजियाबाद की सराहना की साथ ही बच्चों में मोबाइल एडिक्शन के बढ़ती लत के चलते गंभीरता व्यक्त की एवं क्यूआर कोड के माध्यम से उत्तर प्रदेश को विकसित उत्तर प्रदेश बनाये जाने हेतु सजेशन देने हेतु प्रेरित किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अखिलेश मोहन द्वारा मोबाइल एडिक्शन से शरीर पर पड़ने वाले दूषप्रभाव के बारे में बताया, साथ ही ओपीडी, आईपीडी, संस्थागत प्रसव, सिजेरियन सैक्शन आदि मैडिकल सुविधाओं में होने वाली वृद्धि के बारे में बताया गया। डा. राकेश कुमार गुप्ता, पब्लिक हैल्थ एक्सपर्ट / जिला सर्विलान्स अधिकारी गाजियाबाद द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान एवं भविष्य में आने वाली चुनौतियों हेतु सम्भावित उपायों को बताते हुए प्रभावी कार्य योजना प्रस्तुत की गयी। डा. सुनील डागर, यशोदा अस्पताल गाजियाबाद द्वारा बताया गया कि हॉस्पिटल सर्विसेस, मानव संसाधन, पब्लिक प्राइवेट सहभागिता एवं आभा, टैली कंसल्टेशन, फोर रिडेबल डाटा, कोनिककेयर डिजीज, फोलोअप मॉनिट्रिंग, सुपरविजन, प्राइवेट चिकित्सक एवं विशषज्ञों द्वारा पब्लिक सैक्टर के चिकित्सक, नर्सिंग, सीएचओ, फिजीशियन, मिडलेवल कैडर का एनसीडी लाइफ स्टाइल डिजीज के परीक्षण हेतु प्रशिक्षण, हैल्थ एटीएम एवं एआई बेस डाटा डिसन्टरलाइज, पीपीपी मॉडल में वृद्धि, सीएचसी, पीएचसी का डिजीटलाइजेशन के बारे में बताया गया। डा. कृष्ण कान्त रेडियोलोजिस्ट द्वारा एक्सरे, अल्ट्रासाउण्ड, सीटी स्कैन आदि जाँचों की रिपोर्टिंग एआई बेस सन्टरलाइज रखना एवं सभी जांचों को सभी केन्द्रों की मशीनों को शेयर रखने हेतु बताया गया। डा. उपासना अरोड़ा, सीईओ यशोदा अस्पताल, गाजियाबाद द्वारा बताया गया कि महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु निजी क्षेत्र की भागीदारी पर विचार प्रस्तुत किये गये।
पूर्व मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ राजेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विकसित उत्तर प्रदेश हेतु क्यू आर कोड के माध्यम से अपने सुझाव प्रदान किये जाने हेतु जागरूक किया गया तथा साथ ही बताया गया कि कोई भी देश/प्रदेश तब विकसित होगा जब हर व्यक्ति पूर्ण रूप से स्वस्थ होगा। उनके द्वारा सामुदाय सहभागिता, हेल्थ एण्ड वेलनेस गतिविधियां, शुद्ध एवं स्वच्छ भोजन, शुद्ध वायु, शुद्ध जल के उपयोगिता एवं मानव शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अन्त में आईएमए के आयुर्वेद चिकित्सकों, मीडिया बंधु, मेडिकल पैरामैडिकल स्टाफ, सभी का धन्यवाद व्यक्त किया गया।



