उत्तर प्रदेशगाजियाबाद
जीडीए वीसी अतुल वत्स ने कहा-अदालतों में लंबित वादों में प्राधिकरण का प्रभावी तरीके से रखा जाएगा पक्ष

- प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने विधि अनुभाग के साथ संबंधित अन्य अनुभागों के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
- अदालत के निर्देशों का पालन करने व जरूरत पड़ने पर उच्च न्यायलयों मे अपील किये जाने को किया गया निर्देशित
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने विभिन्न अदालतों में लंबित वादों को लेकर विधि अनुभाग और उससे जुड़े अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। ये जानने का प्रयास किया गया कि अदालतों में पूर्व में कितने लंबित वाद थे, वर्तमान में कितने वाद लंबित हैं और लंबित वादों में क्या स्थिति है। उन्होेंने कहा कि अदालतों में लंबित वादों को सॉफ्टवेयर पर अपलोड किए जाने के परिणाम स्वरूप तमाम अधिकारियों के द्वारा नियमित तौर पर समीक्षा की जा सकती है। नियमित तौर पर समीक्षा के परिणाम स्वरूप ही प्राधिकरण एनसीएलटी में रेड मॉल जैसे प्रकरण में जीत हासिल कर सका है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में प्राधिकरण की तरफ से काउंटर एफिडेविट प्रस्तुत किया जाना है, उसे समय से तैयार कराते हुए अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने ये भी निर्देशित किया गया कि विकासकर्ताओं पर देयता के लंबित प्रकरणों में अदालत के सामने प्रभावी तौर पर प्राधिकरण का पक्ष रखा जाए , ताकि बिल्डरों पर जो देयता है, उसकी वसूली सुनिश्चित हो सकें। सभी अधिकारी अब नियमित अपने अनुभागों से संबंधित कैसेस को प्राधिकरण एडवोकेट से डिस्कस करे जिससे प्रभावी पैरवी सुनिश्चित हो सके। उपाध्यक्ष के निर्देश पर एवं नियमित समीक्षा से सभी वादों को आॅनलाइन सॉफ्टवेयर पर अपलोड कराया जा चुका है, जिससे सभी अधिकारियों को नियमित केस में मेसेज भी प्राप्त हो जाता है। इस कारण से समीक्षा व प्रभावी पैरवी आसानी से की जा रही है।



