आठ सौ करोड़ की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को खाली कराने के लिए जीडीए ने की बड़ी कार्रवाई

- इंदिरापुरम के कनावनी में करीब 800 करोड़ रूपए कीमत की जमीन को कराया गया अवैध कब्जे से मुक्त
- करीब एक लाख वर्ग मीटर प्राधिकरण की अर्जित जमीन पर किया गया था कब्जा
- जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्राप्त हो रही थीं शिकायतें, पिलर खड़े कर कराई जाएगी तार फैंसिंग
- फर्म का चयन कर नियोजित की जायेगी जमीन , जनमानस के लिए नियोजित भूखंड होंगे उपलब्ध
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्षअतुल वत्स निर्देशों के तहत मंगलवार को इंदिरापुरम के कनावनी में प्राधिकरण के द्वारा अर्जित करीब 10 हैक्टेयर (एक लाख वर्ग मीटर) जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की बड़ी कार्रवाई की गई। कब्जा की गई जमीन को मुक्त कराने के बाद नए सिरे से आवंटित करने से प्राधिकरण को करीब 800 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति होगी। जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय पार्षदों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि जीडीए के द्वारा अर्जित जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा किया गया है जो कि न केवल झुग्गी बनाकर रह रहे हैं बल्कि अनेक लोगों के द्वारा धर्म कांटे एवं बिल्डिंग मैटिरियल का कारोबार किया जा रहा है। इसके अलावा कुछ लोगों के द्वारा स्थायी तौर से निर्माण कर लिया गया है। शिकायतों की जांच के क्रम में जीडीए के द्वारा पड़ताल करायी गई तो सामने आया कि कनावनी की जिस जमीन पर झुग्गी आदि डाली गई हैं, वह प्राधिकरण के द्वारा अर्जित की गई थी। इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए दो बटालियन पीएसी के साथ इंदिरापुरम थाना पुलिस का सहयोग लिया गया था। अवैध कब्जे से मुक्त करायी गई जमीन पर जल्द पिलर खड़े करते हुए तार फैंसिंग का कार्य किया जाएगा। नियोजन हेतु फर्म का चयन करते हुए प्रथम चरण की प्लानिंग तैयार की जाएगी। जरूरत मंद लोगों को भूखंड आदि आवंटित किए जा सकेंगे। वह लोग दिल्ली के करीब भूखंड प्राप्त कर सकेंगे, जो कि दिल्ली के निकट अपना आशियाना बनाने के इच्छुक हैं। प्राधिकरण को उम्मीद है कि इससे करीब 800 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति होगी। प्राधिकरण उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि जीडीए की अर्जित जमीन पर अवैध कब्जा सहन नहीं किया जाएगा।



