उत्तर प्रदेशगाजियाबाद
इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के लिए 41 सिग्नलों पर फाउंडेशन का कार्य पूर्ण

- 15 अक्टूबर के बाद तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने वालों पर लगेगा ब्रेक, 16 प्रमुख स्थानों पर रखी जाएगी निगरानी
- 2 करोड़ 43 लाख की लागत से बनी इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की बिल्डिंग
गाजियाबाद। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के कुशल नेतृत्व में शहर में कई योजनाओं को सफलतापूर्वक धरातल पर लाया गया है, जिसमें राज्य स्मार्ट सिटी के क्रम में चल रहे आईटीएमएस प्रोजेक्ट को भी रफ्तार दी जा रही है। 15 अक्टूबर तक कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम प्रोजेक्ट के लिए तय है, जिसके लिए लगातार कार्य चल रहा है। 41 सिग्नलों पर फाउंडेशन की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है पोल भी लगाने का कार्य चल रहा है, इसके अलावा 41 जंक्शन पर रोडसाइड यूनिट भी लगा दिया गया है इसके उपरांत, सिगनलों पर कैमरा इनस्टॉल किए जाएंगे, जिसके लिए रोड कटिंग का कार्य डक्टिंग का कार्य जारी है।
मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी द्वारा बताया गया कि महापौर तथा नगर आयुक्त के नेतृत्व में 53 करोड़ की लागत से राज्य स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम प्रोजेक्ट को रफ्तार दी जा रही है, जिसके लिए फाउंडेशन में अन्य कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तीन माह के भीतर प्रोजेक्ट कंप्लीट किया जाएगा। लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, 41 सिग्नलों के कार्य को जारी रखने के साथ-साथ गाजियाबाद नगर निगम मुख्यालय नवयुग मार्केट में बनने वाली बिल्डिंग को भी पूर्ण कर लिया गया है, जिसमें आंतरिक कार्य जारी है। 2 करोड़ 43 लाख की लागत से बनी इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की यह बिल्डिंग आधुनिक तकनीकी का हब रहेगी कार्यवाही जारी है। नगर आयुक्त द्वारा बताया गया की 41 सिग्नलों पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की क्रम में कार्य रफ्तार से है इसके अलावा 15 अक्टूबर के बाद स्पीड से चलने वाले चालकों पर भी पूरी निगरानी रखी जाएगी, इसके लिए 16 प्रमुख स्थानों पर 78 कैमरे इंस्टॉल किए जाएंगे जिसमें तिगड़ी गोल चक्कर, शालीमार गार्डन डेढ़ सौ फुटा रोड, दुहाई मेरठ रोड, इंदिरगढ़ी, यूपी गेट, लाल कुआं, साहबेरी रोड, कौशांबी डिपो, कौशांबी बस स्टैंड, सूर्य नगर रोड, चौधरी चरण सिंह मार्ग, अप्सरा बॉर्डर, भोपुरा रोड, वजीराबाद रोड, डीएलएफ, रोड पर स्पीड पर निगरानी रखने के लिए विशेष रूप से कैमरे लगाए जाएंगे तथा आधुनिक तकनीकी से स्पीड का भी आकलन करते हुए मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा गाजियाबाद में प्रवेश करने वाली गाड़ियों पर भी पूर्ण रूप से मॉनिटरिंग रहेगी।



