


गाजियाबाद। हाल ही में गोवा में आयोजित 55वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में अपनी क्रांतिकारी फिल्म चोला का ट्रेलर लॉन्च करने वाले डायरेक्टर अतुल गर्ग रविवार को राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसाइटी में पहुंचे। जहां उनका सोसायटी के लोगों ने भव्य स्वागत किया। अतुल गर्ग आरडब्लूए के पूर्व महासचिव आरके गर्ग के छोटे भाई हैं। रविवार को जब वह अपने बड़े भाई आर के गर्ग से मिलने पहुँचे तब उनका गौरव बंसल ,अश्वनी , किंशुक बंसल ने बुके देकर और फूल माला पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर डायरेक्टर अतुल गर्ग से हुई बातचीत में उन्होंने फिल्म ‘चोला’ के बारे में बताया कि इस फिल्म की नैतिक कहानी है कि आत्मिक शांति के लिए अंदरूनी शक्ति को पहचानना जरूरी है, भगवा वस्त्र धारण करने की जरूरत नहीं है। यह फिल्म एक ऐसे युवा प्रोफेसर की कहानी है जो आत्मिक शांति के लिए एक बाबा के आश्रम में शरण लेता है और भगवा चोला धारण करता है। हालांकि, उसे शांति नहीं मिलती और उसका मन भटकता रहता है। तब आश्रम के बाबा उसे बताते हैं कि आत्मिक शांति के लिए अंदरूनी शक्ति को पहचानना जरूरी है।
‘चोला’ फिल्म में मनोवैज्ञानिक दुर्व्यवहार और हिंसा को दिखाने के तरीके को चुनौती दी गई है। इस फिल्म ने मुझे गहराई से प्रभावित किया और अपनी खुद की विचार प्रक्रिया पर सवाल उठाने पर मजबूर कर दिया। इसके अलावा अतुल गर्ग कश्मीर, आम्रपाली और आम्रपाली-2 फिल्म भी बना चुके हैं। इन फिल्मों ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं। अतुल गर्ग अक्सर सामाजिक कुरीतियों पर फिल्म बनाते हैं।