
गाजियाबाद। क्राइम ब्रांच गाजियाबाद पुलिस ने मानव अधिकार आयोग नाम संस्था के फर्जी अध्यक्ष को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किया गया अभियुक्त पूर्व में पुलिस से अपने लिए एस्कार्ट तक ले चुका है। लेकिन इसका भांडा फूटा है गाजियाबाद में। दरअसल 8/11/2024 को जिलाधिकारी कार्यालय गाजियाबाद से अनस मलिक अध्यक्ष मानव अधिकार न्याय आयोग उत्तर प्रदेश कार्यालय 608 गोमतीनगर लखनऊ निवासी कांठ रोड नगर पंचायत अगवानपुर पुलिस चौकी के पास मुरादाबाद के लिए जनपद-मुरादाबाद, अमरोहा, हापुड़, गाजियाबाद, नोएडा का 02 दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम संलग्न कर पुलिस आयुक्त गाजियाबाद को इस अनुरोध के साथ प्रषित किया गया कि अनस उपरोक्त को एस्कॉर्ट, यातायात, सुरक्षा आदि की व्यवस्था समय से कराई जाए। इस पर अनस मलिक व उसके संलग्न भ्रमण कार्यक्रम की जांच थाना कविनगर पुलिस द्वारा की गयी तो ज्ञात हुआ कि अनस मलिक नाम का कोई व्यक्ति मानव अधिकार न्याय आयोग व नीति आयोग उत्तर प्रदेश में नही है तथा लैटरपैड में भ्रमण के दौरान स्टाफ कार चालक, निजी सचिव व पीएसओ के बारे में लिखा है ऐसा कोई स्टाफ नहीं है और न ही कोई सरकारी वाहन उपरोक्त अनस मलिक को दिया गया है इसके द्वारा अपने लैटरपैड पर राष्ट्रीय चिन्ह अशोक की लाट, नीति आयोग व अध्यक्ष मावन अधिकार न्याय आयोग उत्तर प्रदेश का फर्जी लैटरपैड बनाकर उसका असली के रूप मे प्रयोग करके अपने निजी स्वार्थ व धोखाधड़ी के उद्देश्य से इस प्रकार के स्कॉर्ट / सुरक्षा माँगी जाती रही है। अनस के विरूद्ध थाना कविनगर पर अभियोग पंजीकृत किया गया जिसके क्रम में आज 01/01/2025 को क्राईम ब्रान्च पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद व थाना कविनगर पुलिस द्वारा अभियुक्त अनस मलिक उपरोक्त को थाना कविनगर क्षेत्र से गिरफ्तार करने मे महत्वपूर्ण सफलता हासिल की गयी। गिरफ्तार अभियुक्त से बरामद कार अर्टिगा पर आगे व पीछे उत्तर प्रदेश सरकार लिखा है तथा अध्यक्ष लिखी हुई प्लेट लगी है तथा अभियुक्त के कब्जे से लैटरपैड, अर्दली का साफा, 02 अदद एडमिट कार्ड आदि बरामद हुए हैं।
पूछताछ पर अभियुक्त अनस मलिक ने बताया कि वह 10वीं पास है तथा पहले फोर सीलिंग का काम करता था, उसके बाद धीरे-धीरे क्षेत्रीय नेताओं के सम्पर्क में आया और उनकी पुलिस सुरक्षा, एस्कॉर्ट व अन्य सुविधाएं लेते हुए देख इसके मन में भी ऐसी लाईफ स्टाइल से रहने का विचार आया उसी के तहत इसने मानव अधिकार न्याय आयोग उत्तर प्रदेश कार्यालय 608 गोमती नगर लखनऊ व राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह अशोक की लाट और उसके नीचे अनस मलिक अध्यक्ष का लैटरपैड छपवाया तथा मानव अधिकार न्याय आयोग उत्तर प्रदेश अनस मलिक अध्यक्ष की गोल मोहर बनवायी तथा उस पर अपने भ्रमण कार्यक्रम या आन्य कोई कार्य या किसी को कोई लैटर लिखना होता था तो लिखकर उस पर गोल मोहर लगाकर अपने हस्ताक्षर करके मेल कर देता था। लोगों को कोई शक न हो इसके लिए पैड पर निजी सचिव, स्टॉफ कार चालक, पी0एस0ओ0 आदि के भी नाम व नम्बर लिख देता था जो इसके जानने वाले ही होते थे तथा अपने साथ अपने किसी जानने वाले को सफेद कपडे पहनाकर अर्दली का साफा लगवा देता था । इस तरह भोले भाले लोगों में अपना रौब गाँठ कर उनके जो काम थाने, तहसील या अन्य सरकारी कार्यालयों में होते थे वहाँ के अधिकारियों को अपना फर्जी परिचय मानव अधिकार न्याय आयोग का अध्यक्ष व नीति आयोग का सदस्य बताकर काम करवाता था तथा जिसका काम हो जाता था उससे बाद में अनुचित लाभ लेने लगा। पूर्व में पुलिस विभाग में सिपाही पद की भर्ती निकली थी जिसमें इसके आस-पास के जानने वालों ने भी परीक्षा दी थी इसने उनके बीच यह बात फैलाई की यह उच्च पद पर आसीन है तथा सरकार मे काफी पकड़ है सिफारिश कर देगा तो नौकरी लग जाएगी। कुछ लोगों से उनके प्रवेश पत्र व अन्य कागजात भी ले लिये थे, यदि किसी की नौकरी उसकी अपनी मेहनत से लग जाती तो अनस उपरोक्त उससे अनुचित लाभ प्राप्त कर लेता था। अनस मलिक उपरोक्त के अन्य फर्जी कृत्यों की जानकारी की जा रही है तथा इसके साथ कौन-कौन इसका सहयोगी था उनके बारे में भी गहनता से जानकारी की जा रही है।