यज्ञ के द्वारा मनायी गयी सम्राट मिहिर भोज की जयंती



गाजियाबाद। आर्य समाज मकरेड़ा के तत्वावधान में16 वें अंतरराष्ट्रीय गुर्जर दिवस पर प्रतिहार वंश के राजा सम्राट मिहिर भोज की जयंती यज्ञ के द्वारा पंचायत घर परिसर में मनायी गयी। यज्ञ के ब्रह्मा प्रवीण आर्य रहे, उन्होंने मिहिर भोज के विषय पर अपनी बात रखते हुए यज्ञ की महिमा का गुणगान किया। मनीष खारी एवं आर्य सुमित खारी ने अपनी कविताओं के द्वारा मिहिर भोज के विषय में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज आवश्यकता है हमें ऐसे महापुरुषों के पद चिन्हों पर चलकर अपने राष्ट्र को विकसित और मजबूत करने की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ग्राम प्रधान कृष्णदेव आर्य ने कहा कि महापुरुष की कोई जाति नहीं होती है ,वो सभी जातियों के होते हैं और हम सब तो ऐसे समाज से आते हैं जो वेदों की आज्ञा मनुर्भव को अपने जीवन में साक्षात करते हैं अर्थात हे मानव तू मानव बन ये ही हमारी जाति है, आज जातिवाद के कारण लोग हिंसा की ओर बढ़ रहे हैं, जो देश के लिए खतरनाक है, सम्राट मिहिर भोज ने 50 वर्ष तक शासन किया। गुर्जर प्रतिहार वंश के सबसे प्रतापी राजा थे। गुर्जर प्रतिहार वंश ने 300 वर्षों तक विदेशी आक्रमणकारियों को भारत में नहीं घुसने नहीं दिया था, आज भी ऐसे साहस की आवश्यकता है। इस अवसर पर सभी ग्रामवासियों ने सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया। इस मौके पर यज्ञपाल वर्मा, धनपाल सिंह, श्रीराम शर्मा, ओमबीर सिंह, राजसिंह शर्मा, कालू शर्मा, दयाराम जाटव, जिले सिंह जाटव, प्रेमचन्द आर्य, रविन्द्र खारी, बीर सिंह, छत्रपाल सिंह, रणधीर सिंह, सत्यवीर सिंह आर्य, जितेंद्र खारी, रतन सिंह, बबली खारी, महिपाल सिंह, जसवीर सिंह, बृजपाल सिंह, कर्मवीर सिंह, प्रमोद खारी, श्यामें जाटव एवं गांव के सभी युवा साथी मौजूद रहे।



